नैनीताल। जिला पंचायत चुनाव मामले में सोमवार को नैनीताल हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान सरकारी वकील से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि नैनीताल केवल पर्यटक शहर नहीं, यहां हाईकोर्ट भी है।सुनवाई के दौरान वायरल वीडियो का SSP नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा की ओर से बचाव किए जाने पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई। चीफ जस्टिस ने कहा आप अपराधियों का बचाव क्यों कर रहे हैं? क्या हम अंधे हैं?कोर्ट ने SSP से पूछा कि घटना के समय पुलिस फोर्स कहां थी और आखिर शहर में हिस्ट्रीशीटर खुलेआम क्या कर रहे थे? अदालत ने SSP की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सख्त लहजे में कहा कि जबरदस्ती अपराधियों का बचाव नहीं किया जा सकता।हाईकोर्ट ने SSP को कड़ी चेतावनी देते हुए पूछा कि आखिर उत्तराखंड पुलिस क्या कर रही थी। इस पर SSP मीणा ने कोर्ट से कहा कि वह 24 घंटे के भीतर अपराधियों को गिरफ्तार करेंगे। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने सरकारी वकील को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार से कहें कि SSP का तत्काल ट्रांसफर किया जाए। सरकारी वकील ने भी अदालत में SSP का बचाव करने की कोशिश की, लेकिन न्यायालय ने इसे गंभीर मामला मानते हुए फटकार लगाई
इसके साथ ही SSP ने कोर्ट में वादा किया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी 24 घंटे के भीतर की जाएगी।हाईकोर्ट ने जिला पंचायत के उन पांचों सदस्यों की बात सुनने से साफ इनकार कर दिया जिनके अपहरण का आरोप लगा है। कोर्ट ने कहा कि ये सदस्य पहले ही कोर्ट को गुमराह कर चुके हैं, इसलिए उनकी व्यक्तिगत दलीलें नहीं सुनी जाएंगी।
हाईकोर्ट ने फिलहाल री-पोल (दुबारा चुनाव) को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से भी इंकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस समय केवल चुनाव के दिन हुई घटनाओं से जुड़े मुद्दों पर ही सुनवाई कर रही है और इसी बिंदु पर स्वतः संज्ञान लिया गया है।हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब आरोपी बीजेपी नेताओं और कथित अपहरणकर्ताओं पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
SSP नैनीताल ने खुद कोर्ट में 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव प्रकरण को लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान सोमवार को कोर्ट का रुख बेहद सख्त देखने को मिला। मुख्य न्यायाधीश ने SSP नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा को कड़ी फटकार लगाते हुए कई तीखे सवाल पूछे।
कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि नैनीताल सिर्फ पर्यटक स्थल नहीं है, यह हाईकोर्ट भी है।हाईकोर्ट में पेश वायरल वीडियो पर जवाब देते हुए SSP ने उसका बचाव करने की कोशिश की, जिस पर कोर्ट ने नाराज़गी जताई और पूछा, “क्या हम अंधे हैं?” कोर्ट ने तीखे लहजे में सवाल किया, “आपकी पुलिस फोर्स कहां थी? और शहर में हिस्ट्रीशीटर क्या कर रहे थे?” कोर्ट ने SSP पर आरोप लगाया कि वह अपराधियों का जबरन बचाव कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने सरकारी वकील से सीधे कहा, “सरकार से कहिए कि SSP का ट्रांसफर कर दिया जाए।
आरोपियों में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रत्याशी दीपा दर्मवाल के पति आनंद दर्मवाल, शंकर कोरंगा, प्रमोद बोरा, प्रखर साह, बीबी भाकुनी, विशाल नेगी, पंकज नेगी, शुभम दर्मवाल और कोमल दर्मवाल शामिल हैं। इनके अलावा 15 से 20 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। वही हम आपको बता दे कि भाजपा प्रत्याशी दीपा दर्मवाल के द्वारा दिए गए तहरीर के बाद कांग्रेसियों के ऊपर भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं