हल्द्वानी
: कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी में उपनल कर्मचारियों को बीते छह माह से वेतन नहीं मिला है। लम्बे समय से जारी इस समस्या को लेकर अब कर्मचारी मजबूरन अस्पताल परिसर में ही धरना देने बैठ गए हैं।
हल्द्वानी का सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल प्रदेश का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल की व्यवस्था को सुचारू रखने में उपनल कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है। लेकिन इन कर्मचारियों को बीते छह महीने से वेतन नहीं मिल पाया है।
वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना वेतन के परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, दवाई और घरेलू जरूरतों को पूरा करना असंभव हो गया है। उनका आरोप है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
इधर, इस पूरे मामले पर सुशीला तिवारी अस्पताल के हेड डॉ. अरुण जोशी ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन उपनल कर्मचारियों की स्थिति को समझता है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से कार्य कर रहे इन कर्मचारियों के वेतन को लेकर शासन को पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा और कर्मचारियों को बकाया वेतन मिल सकेगा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो वे काम बंद करने के लिए मजबूर होंगे, जिससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। अब देखना होगा कि शासन स्तर से इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाया जाता है। वही कालाढूंगी से विधायक बंशीधर भगत ने भी नाराज उपनल कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि उनके वेतन संबंधित मामले में उनकी हर सम्भव मदद करेंगे और उनका ये भी कहना है कि उनके तरफ से उपनल कर्मचारियों के वेतन संबंधित मांगो को लेकर एक शिष्ट मंडल जल्द ही मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात भी करेगा ।