फोटो – जिला चिकित्सालय का एक नजारा।
चम्पावत जिला चिकित्सालय में15 फरवरी से लोगों को मिलने लगेगी एमआरआई की सुविधा।
चम्पावत। पर्वतीय जिलों में चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का दंस झेल रहे पहाड़ के लोगों विशेषकर मुख्यमंत्री के माडल जिले चम्पावत के लोगों के लिए इससे बड़ी दुसरी खुशी नहीं हो सकती की चम्पावत जिला चिकित्सालय में वह दिन दूर नहीं जब जिला चिकित्सालय में एमआरआई की सुविधा मिलने लगेगी। सीमांत जनपद चम्पावत, जो नेपाल सीमा से लगा हुआ जिला है, वहां तक आधुनिक जांच सुविधाओं का पहुँचना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोगों के जीवन से सीधे जुड़ा निर्णय है। जिला अस्पताल चम्पावत में पहली बार एमआरआई मशीन की स्थापना इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार जिले की पहली एमआरआई मशीन मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में स्थित जिला अस्पताल चम्पावत में 15 फरवरी तक स्थापित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि “एमआरआई सुविधा शुरू होने से चम्पावत के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को समय पर और सटीक जांच मिल सकेगी। इससे लोगों को बाहर के बड़े शहरों की ओर जाने की मजबूरी खत्म होगी।”
अब तक चम्पावत के सुदूरवर्ती गांवों से आने वाले मरीजों को ब्रेन, रीढ़, नसों, स्ट्रोक और गंभीर हड्डी रोगों की जांच के लिए हल्द्वानी या बरेली जाना पड़ता था, जो आर्थिक और मानसिक रूप से भारी पड़ता रहा है।
एमआरआई सुविधा शुरू होने से जिले के गांवों के साथ-साथ नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। सीमावर्ती इलाकों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए चम्पावत जिला अस्पताल पर निर्भर हैं। ऐसे में यह सुविधा भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र में स्वास्थ्य सहयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है। सीएमओ डॉ देवेश चौहान के अनुसार एमआरआई मशीन के लिए जिला चिकित्सालय में एमआरआई मशीन स्थापित करने के लिए नया सेटअप तैयार किया जा रहा है। जिसका निरीक्षण करने के लिए हैदराबाद से चार सदस्यीय एएमटीजेड कम्पनी के विशेषज्ञों द्वारा जिला चिकित्सालय का आज निरीक्षण किया गया। इस नए सेटअप में बीस मीटर की परिधि में कोई भी मेटल नहीं होना चाहिए। सीएमओ के अनुसार यह जिले के लिए यह महत्वपूर्ण जीवन रक्षक सौगात माननीय मुख्यमंत्री जी और से दी जा रही है। जो यहां के लाखों लोगों के जीवन की सुरक्षा का कवच साबीत होगी। हालांकि, मशीन की स्थापना के साथ प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ और नियमित संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक होगा, ताकि यह सुविधा वास्तव में जनहित में प्रभावी साबित हो। कुल मिलाकर, चम्पावत में एमआरआई मशीन की स्थापना केवल एक स्वास्थ्य उपकरण की उपलब्धता नहीं, बल्कि पहाड़, सीमांत और पड़ोसी नेपाल क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर इलाज और सुरक्षित भविष्य की मजबूत आधारशिला है।
