कृषि को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सख्त कदम: डीएम ने अधिकारियों को दिए टाइमबाउंड टारगेट

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मधुमक्खी पालन, बीज उत्पादन और सिंचाई पर फोकस—किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश, 10 दिन में काम शुरू करने का अल्टीमेटम।

 

फोटो – जिला सभागार में आयोजित कृषक बंधु बैठक में किसानों की समस्याएं सुनते और अधिकारियों को निर्देश देते जिलाधिकारी मनीष कुमार।

 

चम्पावत। जनपद में कृषि एवं सहवर्ती क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में आयोजित कृषक बंधु बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए। बैठक में पूर्व में उठाई गई समस्याओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। उमेश जोशी की सिंचाई मांग पर टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई, जबकि चंद्रशेखर जोशी की समस्या के समाधान के लिए लघु सिंचाई विभाग को 10 दिनों के भीतर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने जनपद में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए मौन बॉक्स का स्थानीय स्तर पर उत्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यान विभाग को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के साथ मिलकर काम करने को कहा। साथ ही कोल्ड स्टोरेज, वैल्यू चेन विकास और सीड सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। न्याय पंचायत स्तर पर मधुमक्खी पालन के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और विशेषज्ञों को जोड़ने की योजना भी बनाई गई।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दो सप्ताह के भीतर सर्वे पूरा कर प्राथमिकता वाले कार्यों की सूची तैयार करने और उन्हें क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रगतिशील किसानों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। जियो टैंक, तारबाड़, सामुदायिक घेरबाड़, सिंचाई गुल और सड़क निर्माण जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। डीएम ने सभी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया और वार्षिक कार्ययोजना बनाकर तय समय सीमा में कार्य पूरा करने को कहा। इसके साथ ही आलू, अंगूर, मशरूम, नाशपाती, मिलेट्स और गहत उत्पादन, पॉलीहाउस की स्थिति, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और हनी मिशन जैसी योजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वसुंधरा गर्ब्याल, जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

 

 

 

 

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