
फोटो – टनकपुर में माघ मास खिचड़ी भोग का प्रसाद ग्रहण करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी साथ में दर्जा राज्यमंत्री श्याम नारायण पाण्डेय।
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के लिए चार महत्वपूर्ण और दूरगामी घोषणाएं करते हुए जिले को विकास की नई दिशा देने का संकेत दिया। तालियों की गूंज और जनसमर्थन के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को सांस्कृतिक, शैक्षिक और पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चंपावत में 300 लोगों की क्षमता वाला एक आधुनिक ऑडिटोरियम स्थापित किया जाएगा, जहां विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक व शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित हो सकेंगे। यह ऑडिटोरियम न केवल पार्वती संस्कृति और चेतना को सशक्त करेगा, बल्कि पर्यटन को भी नई गति देगा। दूसरी बड़ी घोषणा के तहत मुख्यमंत्री ने सुदूरवर्ती डांडा ककनई क्षेत्र को पैराग्लाइडिंग का विश्व प्रसिद्ध केंद्र बनाने का ऐलान किया। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और चंपावत साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर उभरेगा।
तीसरी घोषणा में उन्होंने एकमात्र आदिमजाति के लोगों के गांव खिरद्वारी क्षेत्र में ट्राइबल टूरिज्म का वृहद केंद्र स्थापित करने की बात कही, जहां होमस्टे सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। चौथी घोषणा के तहत टनकपुर स्थित अटल उत्कृष्ट राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में एजुकेशन ब्लॉक की स्थापना की जाएगी, जिससे बालिका शिक्षा को और अधिक मजबूत आधार मिलेगा।
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माघ मास खिचड़ी भोग में दिखी सामाजिक एकता की मिसाल।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में व्रहत स्तर पर आयोजित माघ मास की खिचड़ी व प्रसाद कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल पेश की। सनातन समाज के हर वर्ग के लोगों ने मिलकर खिचड़ी बनाई, परोसी और उसका प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान स्वयं मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से प्रसाद वितरित कर न केवल पुण्य अर्जित किया, बल्कि प्रदेशवासियों के लिए देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। खिचड़ी भोग में दिखाई दी यह एकजुटता उन ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश थी, जो सनातन समाज को विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वह संदेश भी स्मरण हुआ “जब हम एक रहेंगे, तब ही नेक रहेंगे।” मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड का सनातन समाज अब मुट्ठी की तरह एकजुट है और उसे कमजोर करने वाली ताकतों को जवाब देने के लिए मानसिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह तैयार है, जिसकी झलक इस खिचड़ी भोग में साफ दिखाई दी। बाद में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ खड़ी होली खेली ।


