मुख्यमंत्री धामी ने 107 करोड़ के शारदा कॉरिडोर पुनर्विकास की रखी आधारशिला चंपावत को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में बड़ा कदम, 319 करोड़ की 20 योजनाओं का लोकार्पण“यह सिर्फ शिलान्यास नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक विरासत है”— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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फोटो – जनता के बीच में जाकर उनका अभिवादन स्वीकार करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को टनकपुर के शारदा घाट में 107 करोड़ रुपए की लागत से शारदा कॉरिडोर के पुनर्विकास कार्य की आधारशिला रखी। इस अवसर पर भारी जनसमुदाय ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरि, मां शारदा सहित सभी देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए कहा कि मॉडल जिले के रूप में चंपावत का स्वरूप बदलने और प्राचीन मंदिरों के कायाकल्प की प्रेरणा उन्हें ईश्वरीय सत्ता से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शारदा केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि हमें सत्मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देती हैं। शारदा कॉरिडोर केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि यह सांस्कृतिक और धार्मिक विकास का ऐसा कार्य है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए दिशा तय करेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 319 करोड़ रुपए की लागत से 20 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि चंपावत जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है और सामाजिक-आर्थिक विकास नई गति पकड़ चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि त्याग, तपस्या और आस्था की भूमि है। उत्तराखंड में लगभग 3300 करोड़ रुपए की लागत से 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से विकसित किया जा रहा है, जिसकी कल्पना पहले संभव नहीं थी। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संभव हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि नेपाल-चीन सीमा से लगे क्षेत्रों के समग्र विकास के द्वार खुल रहे हैं, और उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। आने वाले समय में पूर्णागिरि मेला पूरे वर्ष आयोजित होगा, साथ ही जिले के अन्य तीर्थ स्थलों का भी व्यापक विकास किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पूर्णागिरी मेला वर्ष भर आयोजित किए जाने से देश के कौने-कौने से तीर्थयात्रि न केवल यहा आयेंगे बल्कि इससे कुमाऊं व गढ़वाल के पर्यटन को नई दिशा व लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि कुछ लोग सनातन परंपराओं और उत्तराखंड के सांस्कृतिक पुनरुत्थान को पचा नहीं पा रहे, लेकिन सरकार का संकल्प अडिग है। उन्होंने सनातन विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर जवाब देने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 11 हजार एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है और राज्य में मदरसा बोर्ड समाप्त कर शिक्षा में नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे सामाजिक संतुलन और विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि वे सनातन विरोधी से सावधान रहें। जो उत्तराखंड के देवत्व को समाप्त करने पर तुले हुए हैं। वे नहीं चाहते हैं कि सनातन, संस्कृति, प्रकृति एवं उस विचारधारा के साथ चलने वाले लोग आगे बढ़े। सनातन ही देश को सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक रूप से बांधे रख सकता है। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री का भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उन्हें मॉडल जिले की समृद्धि का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत ने की। इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, निर्मल मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, टनकपुर के चैयरमेन विपीन कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दो महिलाओं को शौल चढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्ण विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर मां पूर्णागिरी व मां शारदा से आशिर्वाद मांगा। इसके साथ ही चंपावत होली महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रण भी दिया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, पूर्व जिलाधिकारी नरेंद्र भंडारी सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

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