क्विक एक्शन” में दिखी जिलाधिकारी मनीष कुमार की कार्यसंस्कृति, चौपाल से मिल रही ग्रामीणों बड़ी राहत ,14 घंटे जनसेवा का संकल्प, बसंत पंचमी पर कठाण –कमेला गांव में चौपाल लगाकर पेयजल, प्रमाण पत्र, आंगनबाड़ी व खेल मैदान जैसी समस्याओं का मौके पर समाधान

Spread the love

 

 

फोटो – ग्रामीण क्षेत्र में चौपाल लगाकर लोगों से संवाद करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।

चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार की त्वरित निर्णय क्षमता और जन-केंद्रित कार्यशैली आम लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आ रही है। जिलाधिकारी का स्पष्ट मानना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक उनकी मौजूदगी में पहुँचना चाहिए। इसी उद्देश्य के तहत वे प्रतिदिन लगभग 14 घंटे जनसेवा को समर्पित कर रहे हैं। समय की कमी के बावजूद वे अब ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार कठाण एवं कमेला गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर उनकी समस्याओं से सीधे संवाद किया। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट की समस्या रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने मौके से ही जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में शीघ्र शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि समस्या का त्वरित निराकरण ही प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। ग्रामीणों की मांग पर गांव में नया आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए।

चौपाल के दौरान आय प्रमाण पत्र के लिए परेशान काश्तकार केशव दत्त एवं कुंती देवी की समस्या का तत्काल समाधान किया गया, जिसे ग्रामीणों ने प्रशासन के लिए वरदान बताया। वहीं जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में पेंशन से वंचित पार्वती देवी को हाथों-हाथ प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया, जिससे वह भावुक होकर जिलाधिकारी को धन्यवाद देती नजर आईं।

जिलाधिकारी ने गांव के युवाओं से संवाद करते हुए समय का सदुपयोग करने और वर्तमान अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन व जिला प्रशासन युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए हर स्तर पर संवेदनशील है। युवाओं की मांग पर गांव में खेल मैदान, ओपन जिम, लाइब्रेरी व क्रिकेट किट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। इसके लिए स्थानीय पटवारी को खेल मैदान हेतु भूमि चयन करने तथा बीडीओ अशोक अधिकारी को शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। चौपाल के दौरान कुंदन सिंह की बीमारी को देखते हुए उनके उपचार की व्यवस्था, मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने एवं उनकी पत्नी को क्षमता अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश भी जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने ग्रामीणों से कृषि एवं बागवानी को आजीविका का मजबूत साधन बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जिला प्रशासन इसके लिए सभी आवश्यक साधन एवं संसाधन उपलब्ध कराएगा।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *