
फोटो – छमनिया, लोहाघाट स्थित निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण करते विशेष सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा एवं उपस्थित अधिकारी।
लोहाघाट। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं में शामिल प्रदेश के पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज को अब मूर्त रूप दिया जा रहा है। आगामी जुलाई माह से इस महत्वाकांक्षी संस्थान का प्रथम शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
छमनिया, लोहाघाट में निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण विशेष सचिव, खेल एवं युवा कल्याण अमित कुमार सिन्हा ने किया। लगभग ₹25,696.63 लाख (रु० 256 करोड़ से अधिक) की लागत से बन रहे इस ड्रीम प्रोजेक्ट की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पूर्व में निर्मित मल्टीपरपज़ हॉल का अवलोकन किया गया। विशेष सचिव ने छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास एवं कक्षा कक्ष की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने तथा इंडोर खेल सुविधाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि जुलाई सत्र 2026-27 से पूर्व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों की स्थापना पूरी कर ली जाए, ताकि प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे परिसर को चैन लिंक फेंसिंग से सुरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए। निर्माणाधीन सिंथेटिक ट्रैक का निरीक्षण करते हुए हैमर थ्रो केज का शीघ्र निर्माण, जंपिंग पिट को मानक अनुरूप विकसित करने तथा स्टीपलचेज़ रेस के उपकरणों की व्यवस्था समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के आदेश दिए गए।
प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू रूप से प्रारम्भ करने के लिए आगामी अप्रैल माह से आवश्यक प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि जुलाई से नियमित सत्र बिना किसी बाधा के प्रारम्भ हो सके। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, उपजिलाधिकारी नीतू डागर, जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन बिष्ट, जिला युवा कल्याण अधिकारी जसवंत खड़ायत, जिला क्रीड़ा अधिकारी पिथौरागढ़ अनूप बिष्ट तथा प्रधानाचार्य स्पोर्ट्स कॉलेज पिथौरागढ़ मनोज शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में यह पहल न केवल बेटियों को सशक्त बनाएगी, बल्कि उत्तराखंड को खेल मानचित्र पर नई पहचान भी दिलाएगी।


