फोटो – पूर्णागिरि मेला परिसर में अधिकारियों के साथ भ्रमण करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत। उत्तर भारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मेले के शुभारंभ में अब केवल 43 दिन शेष रह गए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों के साथ पूर्णागिरि मेला क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और तीर्थ यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित व सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णागिरि मेला और मीठे रीठे के चमत्कार के लिए प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्रीरीठासाहिब जैसे दिव्य स्थल जिले की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान हैं। यहां आने वाला हर श्रद्धालु जिला प्रशासन का अतिथि है। हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि प्रत्येक तीर्थ यात्री ऐसा ब्रांड एंबेसडर बनकर लौटे, जो भविष्य में और श्रद्धालुओं को चंपावत आने के लिए प्रेरित करे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप पूर्णागिरि मेले को अब केवल मौसमी नहीं, बल्कि वर्षभर संचालित करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। इसके तहत मेले से जुड़े सभी स्थायी और आधारभूत निर्माण कार्य कराए जाएंगे। मेले को जोड़ने वाले तीन प्रमुख स्थानों पर निर्माण कार्य यदि एक वर्ष के भीतर पूर्ण हो जाता है, तो आने वाले वर्षों में यह मेला पूरे साल संचालित किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्वच्छता, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय, यातायात और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को स्थायी रूप देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि मेला ऐसे समय आयोजित होता है जब गर्मी बढ़ने लगती है, ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन इस वर्ष से एक धार्मिक-पर्यटन सर्किट विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करेगा। योजना के तहत पूर्णागिरि दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को सुखीडांग, चल्थी घाटी, बालेश्वर मंदिर, हिंगला देवी, भगवान शिव की सातों धाराओं की सत्यकोषी परिक्रमा, मानसरोवर तीर्थ, रिश्वेश्वर महादेव धाम, खेतीखान, रीठा साहिब और बाराही धाम के दर्शन कराते हुए काठगोदाम की ओर प्रस्थान कराया जाएगा। इससे जिले के सभी धार्मिक व पर्यटन स्थलों का समग्र विकास संभव हो सकेगा। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी के साथ अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, उप जिलाधिकारी आकाश जोशी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
