हल्द्वानी में क्या पत्रकारिता सुरक्षित रह गयी है , मजदूर से ठेकेदार बने अपराधियों को आखिर कौन दें रहा संरक्षण  

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हल्द्वानी में क्या पत्रकारिता सुरक्षित रह गयी है क्या

फोटो अपराधी बदमाश  अनिल चौहान उसके भाई अजीत चौहान

 

कुछ सालों पहले की बात करें तो हल्द्वानी को अन्य शहरों से सबसे सुरक्षित माना जाता था और पत्रकारों का सामाजिक दायरा भी विस्तृत था।

और आज हल्द्वानी का क्राइम रेट अन्य शहरों से ज्यादा बढ़ गया है ऐसा क्यों हुआ हल्द्वानी के साथ तो इसका उत्तर है हल्द्वानी शहर का तेज विकास और पहाड़ों का पलायन जो हल्द्वानी में आकर बस रहें हैं और बाहर राज्यों से जो लोग यहां मजदूरी और इंटिरियर  कार्य को आये थे उसमें कुछ आपराधिक भी हो सकते हैं और हल्द्वानी में आकर बस गए उन्हीं में से एक पत्रकार दीपक अधिकारी पर जानलेवा हमला करने वाले दो चौहान भाईयों की है जो कभी मजदूरी करते बाद में ठेकेदार से अपने आपको बिल्डर्स दिखाने लग गये उन्होंने अवैध कार्य भी करने शुरू कर दिए और प्राधिकरण से लेकर यहां के तंत्र में भी पैठ बना ली और माफियाओं से भी संरक्षण लिया तभी उनकी हिमाकत रही की 7 नवंबर को शाम 4:30 बजे अतिक्रमण की कवरेज कर रहे पत्रकार सचिन जोशी पर जानलेवा हमला बोल दिया और हथियार की धमकी देकर जान से मारने की धमकी दी और किसी प्रकार वो वहां से जाने बचाकर चलें गये और डर से अपनी आप-बीती तीन दिनों तक किसी को नहीं बताया और उसके बाद 11 नवंबर वहीं घटना दी दोबारा पत्रकार दीपक अधिकारी के साथ घटित हुई जिसमें वो दोनों अपराधी अनिल और अजीत चौहान हाथ में लोहे की रोड़ लेकर जानलेवा हमला करते हैं उन पर रोड़ से हमला किया जाता है जिसमें अपराधियों द्वारा अधिकारी को 20-22 फीट खाई में जान से मारने के इरादे से धकेल देते हैं और दीपक अधिकारी किसी प्रकार से सिर की चोट से बच गये उनके शरीर के कई जगहों पर गंभीर चोटे आती है उन्होंने अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया है

अब प्रश्न यह है कि आखिर इस प्रकार से शहर में अपराधी हावी रहते हैं तो पत्रकारों को सुरक्षा कौन मुहैया करायेगा और ऐसे मजदूरों से ठेकेदार बिल्डर्स बनकर आपराधिक वारदात करने वाले की पहचान कैसे की जाएगी हालांकि पुलिस ही एक ऐसी व्यवस्था है जिस पर लोगों को सुरक्षा को लेकर पूरा विश्वास रहता है और इसे हमें मानना भी पड़ेगा कि पुलिस आखिरकार हमारे बचाव का सुरक्षित माध्यम है।

हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां पत्रकार पर हुए हमले के बाद घटना पर पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही के निर्देश दिए हैं तो वही सीएम धामी के बुल्डोजर ने अतिक्रमण ध्वस्त कर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है और उनके सरपरस्त आकाओं को योगी इंस्टाल में जवाब दिया है।

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