फोटो – हैकथॉन प्रतियोगिता में राज्य स्तरीय मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त छात्रा कोमल विश्वकर्मा
चंपावत। सीमित संसाधनों के बीच भी प्रतिभा अवसरों की दीवारें तोड़ देती है। इसका शानदार प्रमाण दिया है गांव की बालिका कोमल विश्वकर्मा ने, जिसने घर में स्मार्टफोन तक उपलब्ध न होने के बावजूद राज्य स्तरीय हैकथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है। मार्गदर्शक शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय के मार्गदर्शन में राउमावि खूनाबोरा की छात्रा कोमल ने अपने अभिनव विचार और रचनात्मक सोच के दम पर उन विद्यालयों के प्रतिभागियों को भी पीछे छोड़ दिया, जो अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं और आधुनिक संसाधनों से लैस थे। प्रतियोगिता में प्रस्तुत उसके नवाचारपूर्ण आइडिया ने निर्णायक मंडल को प्रभावित किया और पूरे प्रदेश में उसे शीर्ष स्थान पर चयनित किया गया। इसके उपरांत देश के जाने-माने आईटी प्रोफेशनल्स की नेशनल जूरी के समक्ष कोमल अपने प्रोजेक्ट को प्रस्तुत करेंगी। कोमल की इस उपलब्धि ने न केवल उसके परिवार व विद्यालय को गौरवान्वित किया है, बल्कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का नया मार्ग भी खोला है। मार्गदर्शक शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय ने बताया कि कोमल हमेशा से सीखने को उत्सुक रही है और सीमित संसाधनों के बीच भी अपने विचारों को विकसित करने में निरंतर प्रयासरत रही। ग्रामीण परिवेश से उठकर राज्य स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मेरिट में प्रथम स्थान हासिल करना कोमल की मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति का श्रेष्ठ उदाहरण है। उसके चयन से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और सामाजिक संगठनों ने इसे “प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं” का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
कोमल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने मार्गदर्शक शिक्षक, माता-पिता और सतत सीखने की आदत को दिया। उसने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन मिले तो वे हर मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। कोमल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सपनों की उड़ान उपकरणों की नहीं, संकल्प की मोहताज होती है।
