फोटो – सोमवार को होने वाली विवेकानंद जयंती के अवसर पर कार्यक्रमों की तैयारी करते संयोजक एवं छात्र
लोहाघाट। मॉडल जिले के सबसे बड़े शैक्षणिक संस्थान स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय, लोहाघाट में 46 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद महामनीषी स्वामी विवेकानंद जी की 164वीं जयंती उनके सम्मान में भव्य एवं भावपूर्ण पुष्पांजलि समारोह के रूप में मनाई जा रही है। महाविद्यालय की स्थापना के पश्चात इसका नाम उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के नाम पर रखा गया था, किंतु पहली बार इतने व्यापक स्तर पर उनका जयंती समारोह आयोजित किया जा रहा है।
सोमवार, 12 जनवरी को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का ऐतिहासिक महत्व भी है, क्योंकि इसी तिथि को वर्ष 1901 में स्वामी विवेकानंद जी ने मायावती आश्रम में अपना 38वां जन्मदिन मनाया था। इस पुण्य अवसर पर महाविद्यालय परिसर में स्वामी जी के विचारों, जीवन-दर्शन और राष्ट्रवादी चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का संकल्प लिया गया है।
कार्यक्रम का संयोजन राजनीतिक विज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रकाश लाखेड़ा द्वारा किया जा रहा है, जो लंबे समय से स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं तक पहुंचाने के लिए समर्पित रहे हैं। डॉ. लाखेड़ा के मार्गदर्शन में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन और दर्शन पर शोध कार्य भी किया गया है, जिसका उद्देश्य उनके विचारों को आज की युवा पीढ़ी के मन से जोड़ना है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित भाषण प्रतियोगिता से होगी। इसके पश्चात 11 बजे से 11:15 बजे तक अतिथियों का स्वागत किया जाएगा। 11:15 से 11:30 बजे तक महाविद्यालय परिसर में स्वामी जी को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। 11:30 से 11:40 बजे तक स्वामी विवेकानंद पर आधारित गीत का गायन होगा।
11:40 से 11:50 बजे तक डॉ. प्रकाश लाखेड़ा एवं डॉ. रेखा मौनी द्वारा लिखित पुस्तक “स्वामी विवेकानंद एवं उनका राष्ट्रवादी दर्शन” का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद 11:50 से 12:15 बजे तक विश्व प्रसिद्ध प्रबुद्ध भारत पत्रिका के संपादक स्वामी दिव्य कृपानंद जी महाराज “युवाओ के लिए स्वामी विवेकानंद का संदेश” विषय पर अपना ओजस्वी वक्तव्य देंगे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में 12:15 से 12:30 बजे तक स्वामी विवेकानंद से संबंधित साहित्य का वितरण किया जाएगा, जिसके बाद कार्यक्रम संयोजक द्वारा प्राचार्य के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा। इसी अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विगत एक सप्ताह से चल रहे कार्यक्रमों का समापन भी होगा। कार्यक्रम में सिविल जज भवदीप रावते द्वारा भी संबोधन दिया जाएगा। इस आयोजन में महाविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. रुचि जोशी को सह-संयोजक बनाया गया है। कार्यक्रम को लेकर महाविद्यालय में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं और छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। यह आयोजन न केवल स्वामी विवेकानंद के विचारों को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि युवाओं में राष्ट्रनिर्माण की चेतना जगाने की एक सशक्त पहल भी है।
