
फोटो – स्वयं पंचेश्वर में एंग्लिग का ट्रायल करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चम्पावत। जनपद में साहसिक पर्यटन को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आगामी 21 से 23 फरवरी 2026 तक पवित्र संगम नगरी पंचेश्वर में तीन दिवसीय ‘पंचेश्वर एंग्लिंग उत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन ‘चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026’ के अंतर्गत मत्स्य विभाग, चम्पावत के तत्वावधान में संपन्न होगा। प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित पंचेश्वर की लहरों पर देशभर से आने वाले एंग्लिंग विशेषज्ञ और पर्यटक अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। यह उत्सव न केवल रोमांच और खेल भावना का संगम होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं और मत्स्यजीवी समूहों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।
उत्सव का प्रमुख उद्देश्य विश्व प्रसिद्ध ‘महाशीर’ मछली के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। एंग्लिंग गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संतुलन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा। जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम से चम्पावत को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय एंग्लिंग मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह आयोजन जनपद की आर्थिकी को मजबूती देने में सहायक सिद्ध होगा। होटल, होमस्टे, स्थानीय उत्पाद और हस्तशिल्प को भी इस उत्सव से लाभ मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य अतिथियों और मत्स्य प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। विभाग ने युवाओं और आम जनता से अपील की है कि वे इस रोमांचक आयोजन का हिस्सा बनकर चम्पावत के साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।


