नारियल गांव में कृषि विश्वविद्यालय की शाखा खोलने की मांग तेज, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

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फोटो – जिलाधिकारी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजते नारियल गांव के लोग

 

बंजर पड़ी कृषि भूमि के बेहतर उपयोग और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल, पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की परिषद स्थापित करने की उठी मांग।

 

 

चम्पावत। जनपद के नारियल गांव में कृषि विकास को नई दिशा देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ग्रामीणों ने क्षेत्र में कृषि अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए यहां पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की परिषद अथवा शाखा स्थापित करने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1987 में क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए लगभग साढ़े चार नाली कृषि भूमि जर्सी क्रॉस ब्रीडिंग फार्म के लिए दी गई थी, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा इस भूमि का समुचित उपयोग नहीं किया गया। बाद में इस स्थान को बद्री गाय के संरक्षण केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया, किंतु आज भी यहां की काफी भूमि अनुपयोगी और बंजर पड़ी हुई है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा चम्पावत को मॉडल जिले के रूप में विकसित करने की दिशा में कृषि विश्वविद्यालय की शाखा खोलने की सार्वजनिक घोषणा की जा चुकी है। ऐसे में नारियल गांव की उपलब्ध भूमि इस उद्देश्य के लिए अत्यंत उपयुक्त साबित हो सकती है।

ग्रामीणों का मानना है कि यदि यहां पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की परिषद या शाखा स्थापित होती है तो क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्रशिक्षण और अनुसंधान का सीधा लाभ मिलेगा। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को भी कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे। ज्ञापन देने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य किरण खरगोन, ग्राम प्रधान त्रिलोक सिंह मौर्य, रमेश सिंह, योगेश सिंह, ममता बिष्ट, गिरीश खारवाल सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।

 

 

 

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