पूर्णागिरि मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, पंचमी पर 70 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, जल पुलिस बनी ‘देवदूत’, 28 लोगों को दिया नया जीवन 6.5 लाख पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या

Spread the love

 

फोटो – पूर्णागिरि मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़।

 

टनकपुर/चंपावत। टनकपुर स्थित पूर्णागिरि मेले में आस्था अपने चरम पर है और नवरात्रि के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। पंचमी के दिन करीब 70 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने मां पूर्णागिरि के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। अब तक मेले में कुल श्रद्धालुओं की संख्या 6.5 लाख के पार पहुंच चुकी है। नवरात्रि शुरू होने के बाद ही 3 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि मेला आरंभ होने से नवरात्रि तक भी लगभग 3 लाख लोग यहां पहुंच चुके थे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। मेले में तैनात जल पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों के जवान श्रद्धालुओं के लिए देवदूत बनकर उभरे हैं। 31वीं बटालियन पीएसी के गोताखोरों सहित पुलिस और पीआरडी के जवानों ने अब तक 28 लोगों को डूबने से बचाकर नया जीवन दिया है। गोताखोर अनिल कुमार, अमित कुमार, भुवन मेहरा, नीरज बोहरा, विजय सिंह, सूरज कुमार, रविंद्र कुमार पहलवान और राकेश गिरी लगातार जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

गोताखोर रविंद्र पहलवान के अनुसार नदी के जलस्तर में अचानक हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण कई श्रद्धालु गहरे पानी में चले जाते हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग कर लोगों को लगातार सचेत किया जा रहा है। मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी ने बताया कि जल पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के चलते व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने गोताखोरों के कार्य को बेहद सराहनीय और जोखिम भरा बताते हुए कहा कि इनके प्रयासों से कई लोगों की जान बचाई जा सकी है।

मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है और अब तक कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। साथ ही मेला क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले छोटे-बड़े विवादों को भी प्रशासन मौके पर ही सुलझा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *