फोटो – पेड़ों के संरक्षण को लेकर आयोजित विशेष बैठक में जिलाधिकारी के साथ मौजूद विभिन्न अधिकारी।
देवदार संरक्षण पर सख्त रुख, दो दिन में जनता से जुड़ी फाइलें निस्तारित करने के निर्देश ,लोहाघाट नगर में दुर्लभ वृक्षों को नुकसान पर जताई गहरी नाराजगी।
चंपावत। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हवा और पानी देने वाले वृक्षों का महत्व देश की रक्षा करने वाले डिफेंस के बराबर है। इनके संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर के भेड़खान सहित विभिन्न क्षेत्रों में दुर्लभ प्रजाति के देवदार वृक्षों को सुखाने के उद्देश्य से की जा रही गार्डनिंग को बेहद गंभीर मामला बताया और इस पर कड़ी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि लोहाघाट जैसे महत्वपूर्ण नगर, जहां अधिकांश विभागों के कार्यालय और अधिकारियों के आवास स्थित हैं, वहां इस तरह से वृक्षों को नुकसान पहुंचाया जाना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पेड़ धान या गेहूं की फसल नहीं हैं, जो अगले वर्ष फिर उग आएं। एक वृक्ष को अस्तित्व में आने में वर्षों लगते हैं, इसलिए उनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनता के कार्यों को अनावश्यक रूप से लटकाने वाले कर्मचारियों को प्रशासनिक और मानवीय दृष्टि से समझाया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रश्न किया कि यदि आपके अपने बंधु-बांधव इस प्रकार परेशान किए जाएं तो आपको कैसा महसूस होगा। दूसरों के दर्द को समझते हुए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना आवश्यक है। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि जनता से संबंधित फाइलों को दबाकर रखने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी और ऐसी सोच को तुरंत बदलना होगा। सभी लंबित फाइलें दो दिन के भीतर संबंधित पटल से बाहर आ जानी चाहिए। जिलाधिकारी ने लोहाघाट नगर के देवदार वनों को सुरक्षित रखने के लिए एरिया वाइज उत्तरदायित्व तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पटवारियों को आदेशित किया कि वे नगर सहित अन्य क्षेत्रों में हो रही अवैध कटान अथवा वृक्षों को नुकसान पहुंचाने की गतिविधियों की पूरी जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी के. एन गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, एसडीएम सदर अनुराग आर्य, एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर, एसडीएम टनकपुर आकाश जोशी सहित विभिन्न क्षेत्रों के पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो – लोहाघाट में ऐसे गर्डलिंग कर सुखाएं जा रहे है देवदार के पेड़।

