कोटद्वार: नाबालिग बेटी का विवाह कराने पर माता-पिता सहित चार गिरफ्तार, न्यायालय के आदेश पर कड़ी कार्रवाई
कोटद्वार। नाबालिग किशोरी के जबरन विवाह के मामले में न्यायालय के सख्त रुख के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए किशोरी के माता-पिता, दूल्हा और उसकी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
चार जुलाई को कोटद्वार निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के रायपुर सादात निवासी आकाश और उसकी मां नीतू बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए और जबरन विवाह करा दिया।
कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जांच के दौरान यह सामने आया कि किशोरी और आकाश के बीच प्रेम संबंध थे। आठ अप्रैल को किशोरी घर छोड़कर आकाश के साथ चली गई थी। अगले दिन आकाश की मां नीतू किशोरी को कोटद्वार कोतवाली लेकर आईं, जहां किशोरी ने किसी प्रकार की जबरदस्ती या दुष्कर्म से इनकार किया था।
इसके बाद पुलिस द्वारा काउंसलिंग कर किशोरी को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद, माता-पिता ने आपसी सहमति से अपनी नाबालिग बेटी का विवाह आकाश से करवा दिया।
मामला न्यायालय में पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद किशोरी के माता-पिता, आकाश और उसकी मां नीतू को दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर पौड़ी जेल भेजने के आदेश जारी किए गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया।
इस घटना के बाद जिले में बाल विवाह के प्रति प्रशासन की गंभीरता और सख्ती एक बार फिर सामने आई है।