फोटो – ऑपरेशन के बाद नेत्र सर्जन डॉ. विराज राठी के साथ खुशी जाहिर करतीं वृद्ध महिलाएं
लोहाघाट। उप जिला चिकित्सालय में नागरिक सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के नेतृत्व में जिले के सबसे बड़े चिकित्सालय को आधुनिक और जनोपयोगी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब यहां सफल नेत्र ऑपरेशन नियमित रूप से होने लगे हैं।
वीगत दिवस चिकित्सालय में 80 वर्ष से अधिक आयु की 13 वृद्ध महिलाओं के सफल नेत्र ऑपरेशन किए गए। आंखों की रोशनी चली जाने के कारण जिन महिलाओं के लिए जीवन का हर पल बोझ बन गया था, उन्हें अब दोबारा दुनिया देखने का सौभाग्य मिला है। नेत्र सर्जन डॉ. विराज राठी की कुशलता और अनुभव ने इन बुजुर्ग महिलाओं के जीवन में फिर से उम्मीद की किरण जगा दी। ऑपरेशन के बाद निराशा से घिरी ये महिलाएं मुस्कान और आत्मविश्वास के साथ अपने घर लौटीं। डॉ. राठी ने बताया कि इन महिलाओं को अस्पताल तक लाने और ऑपरेशन के बाद सुरक्षित घर पहुंचाने में समाज कल्याण विभाग का सराहनीय सहयोग रहा।
डॉ. राठी के अनुसार 13 जनवरी को इस चिकित्सालय में एक और विशेष नेत्र शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जरूरतमंद मरीजों को घर से लाने और ऑपरेशन के बाद घर तक छोड़ने की समुचित व्यवस्था की गई है। इधर, मरीजों के तीमारदारों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने चिकित्सालय में तीमारदारों के विश्राम हेतु चार बेड लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी। आज ऑपरेशन कराकर लौटीं 90 वर्षीया जीवंती आमा और शांति आमा ने भावुक होकर डॉ. विराज राठी को आशीर्वाद दिया और कहा कि “अब जीवन फिर से उजाला हो गया है।”
