राज्य स्थापना दिवस और राज्य निर्माण के नायकों का हुआ सम्मान — कांग्रेस ने हर्षोल्लास के साथ मनाया राज्य रजत जयंती

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09 नवम्बर 2025 | हल्द्वानी

 

हल्द्वानी में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने स्वराज आश्रम कार्यालय में राज्य आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को सम्मानित किया। समारोह में विधायक सुमित हृदयेश, जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल, नगर अध्यक्ष गोविंद बिष्ट सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में उन संघर्षों को याद किया गया जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, उनका संघर्ष राज्य की पहचान है। इस दौरान आंदोलनकारियों ने भी अपने अनुभव और आंदोलन के समय की कठिनाइयों को साझा किया। कांग्रेस नेताओं ने स्थायी राजधानी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले 15 वर्षों में गैरसैंण या किसी अन्य स्थल को स्थायी राजधानी घोषित करने में विफल रही है। कांग्रेस ने घोषणा की कि अगर वह सत्ता में आती है तो वर्ष 2027 तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का वादा निभाएगी।

 

राज्य निर्माण के नायकों का हुआ सम्मान — कांग्रेस ने हर्षोल्लास के साथ मनाया राज्य रजत जयंती दिवस

 

हल्द्वानी महानगर एवं जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ को “रजत जयंती गौरव दिवस” के रूप में बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया।

 

कार्यक्रम का आयोजन स्वराज आश्रम, कांग्रेस भवन, हल्द्वानी में किया गया, जहाँ हल्द्वानी विधायक श्री सुमित हृदयेश, महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल तथा महिला महानगर अध्यक्ष मधु सांगूड़ी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वीर राज्य आंदोलनकारियों का माल्यार्पण कर शॉल भेंट के माध्यम से सम्मान किया गया तथा उनके संघर्ष और समर्पण को नमन किया गया।

 

विधायक श्री सुमित हृदयेश ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना अनेकों आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। मातृशक्ति और छात्र शक्ति ने इस आंदोलन में नेतृत्व की भूमिका निभाई। यह सम्मान समारोह न केवल उनके योगदान को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

उन्होंने कहा कि उत्तरांचल से उत्तराखंड तक की 25 वर्षों की यात्रा राज्य निर्माण की भावना के अनुरूप नहीं रही — न पलायन रुका, न रोजगार बढ़ा; बढ़ी तो केवल अफसरशाही और तानाशाही।

 

महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि आज यह चिंतन का विषय है कि जिस सोच और उद्देश्य के साथ राज्य की मांग उठी थी, क्या वह पूर्ण हो पाई? क्या आंदोलनकारियों का सपना साकार हुआ?

 

जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि 25 वर्ष पूर्व जिन परिस्थितियों में पृथक राज्य की मांग उठी थी, आज भी हालात लगभग वैसे ही हैं। यह सबके लिए आत्ममंथन और विचार का विषय है।

 

कार्यक्रम में प्रमुख राज्य आंदोलनकारी डॉ. केदार पलड़िया, हेमंत बगड़वाल, ललित जोशी, जगमोहन चिलवाल, जगमोहन बगड़वाल और कैलाश शाह ने राज्य निर्माण के संघर्ष, उसकी पृष्ठभूमि और वर्तमान परिस्थितियों पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

इस दौरान विजय सिजवाली, सुनील पंत, गोविंद नागिला, भुवन तिवारी, राजेंद्र खनवाल, डॉ. बालम बिष्ट, ललित कांडपाल, दिनेश तिवारी, आशा रावत, जानकी जोशी, सुनील कुमार, अतहर हुसैन, माया देवी, कमला बिष्ट, जानकी देवी, विनोद कुमार, आनंद सिंह, विनीत लोहनी, बलवंत डंगवाल, प्रदीप अनेरिया, डॉ. डी.एन. भट्ट, धर्मा पलड़िया, पुष्पा भट्ट, जानकी परगाई, दुर्गा त्रिपाठी, कांति देवी, मोहनी रावत, नमिता अग्रवाल, भगवान सिंह, बनवंत राणा, नारायण सिंह, गंगा सिंह, कुंदन मेहता, पुष्पा बिष्ट, कमला जोशी आदि आंदोलनकारियों का गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया।

 

कार्यक्रम में सुहैल सिद्दीकी, नरेश अग्रवाल, मलय बिष्ट, डॉ. मयंक भट्ट, मधु सांगूड़ी, भागीरथी बिष्ट, जया कर्नाटक, राधा आर्य, मीमांसा आर्य, विमला सांगूड़ी, गीता बहुगुणा, रत्ना श्रीवास्तव, पुष्पा तिवारी, नितिन भट्ट, कौशलेंद्र भट्ट, हेम पांडे, जाकिर हुसैन, सूरज प्रकाश, एड. धर्मवीर भारती, सुशील डुंगरकोटी, गुरप्रीत सिंह, लाल सिंह पंवार, दिवेश तिवारी, देवेंद्र नेगी, सतनाम सिंह चटवाल, नवीन सांगूड़ी, प्रदीप नेगी, संजय जोशी, खीमानंद पांडे, महेशानंद, दिनेश सांगूड़ी, संदीप भैसोड़ा, नंदन दुर्गापाल, कुंदन नेगी, मनोज भट्ट, खजान पांडे, अरमान खान, इंजीनियर सुमित कुमार, अमित रावत, चंदन भाकुनी, गणेश टम्टा सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

 

सभी ने राज्य निर्माण के संघर्ष से जुड़े संस्मरण साझा किए, राज्य शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आंदोलनकारियों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

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