
हल्द्वानी।गांधी आश्रम फतेहपुर क्षेत्र में ग्राम पीपल पोखरा नंबर एक निवासी श्रीमती गंगा देवी पत्नी श्री प्रेम भारती की बाघ के हमले में हुई दर्दनाक मृत्यु अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। यह घटना न केवल एक परिवार की अपूरणीय क्षति है, बल्कि वन विभाग की घोर असफलता एवं सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को भी उजागर करती है। शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
गंभीर तथ्य यह है कि पूर्व में भी इसी वन क्षेत्र में बाघ/गुलदार के हमलों में सात लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद वन विभाग द्वारा कोई ठोस, प्रभावी एवं स्थायी कदम नहीं उठाया गया। लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ स्पष्ट संकेत देती हैं कि विभाग ने पूर्व की त्रासदियों से कोई सबक नहीं लिया तथा ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं दी।
क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों की लगातार मिल रही सूचनाओं के बावजूद प्रभावी गश्त, सुदृढ़ निगरानी तंत्र एवं आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित नहीं किए गए। यदि समय रहते गंभीर एवं ठोस कार्रवाई की गई होती, तो संभवतः आज एक और परिवार उजड़ने से बचाया जा सकता था। यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है, जो त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग करती है।
नीरज तिवारी ने कहा कि वन विभाग तत्काल पीड़ित परिवार को उचित एवं पर्याप्त मुआवज़ा प्रदान करे। साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जाए, नियमित गश्त बढ़ाई जाए तथा आदमखोर/खूंखार घोषित किए जाने योग्य तेंदुए/गुलदार के संबंध में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करते हुए उसे मार गिराने अथवा पकड़ने का आदेश शीघ्र जारी किया जाए।
जनहित एवं ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सरकार एवं संबंधित विभागों को संवेदनशीलता, तत्परता एवं जवाबदेही के साथ ठोस एवं स्थायी कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्रवासियों में सुरक्षा का विश्वास बहाल हो।


