
लोहाघाट। 28 फरवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (महान वैज्ञानिक सी वी रमन की ‘रमन प्रभाव’ खोज की स्मृति में) के अवसर पर जनपद के दूरस्थ क्षेत्र में कार्यरत विज्ञान शिक्षक नरेश जोशी विज्ञान शिक्षा की नई अलख जगा रहे हैं।
वर्ष 2017 से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम में तैनात जोशी पिछले दो दशकों से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और नवाचार की भावना विकसित कर रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके मार्गदर्शन में सैकड़ों छात्र राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, इंस्पायर अवार्ड और विज्ञान महोत्सव जैसे मंचों पर प्रतिभा दिखा चुके हैं।
शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2025 में उन्हें उत्तराखंड सरकार का प्रतिष्ठित शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार भी मिला। उनके प्रयासों से विद्यालय की छात्र संख्या 23 से बढ़कर 52 पहुंच गई, जो पर्वतीय क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
नरेश जोशी का मानना है कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन की सोच और व्यवहार का हिस्सा होना चाहिए। उनके समर्पण ने न सिर्फ विद्यालय, बल्कि पूरे जनपद को नई दिशा और प्रेरणा दी है।


