मुख्यमंत्री धामी की पूर्णागिरी मेले को लेकर की गई घोषणा का दिखाई देने लगा है असर,तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए तीन महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण प्रस्तावित, दो बड़े पुलों के लिए मिली वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति

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फोटो – किरोडा नाले के ऊपर प्रस्तावित 480 मीटर लंबा पुल, जो पूर्णागिरि धाम के लिए वर्षभर सुगम आवागमन का मार्ग प्रशस्त करेगा।

चंपावत। उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पूर्णागिरि धाम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी सौगात दी है। अब तक प्रतिवर्ष होली के दिन से लगभग तीन माह तक लगने वाला पूर्णागिरि मेला निकट भविष्य में अब वर्षभर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने बीते वर्ष मार्च माह में पूर्णागिरि मेले का उद्घाटन करते हुए इसे सालभर संचालित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद मेले के स्थायी विकास के लिए सभी संबंधित विभाग सक्रिय हो गए थे। अब तक मेला अवधि में जिला पंचायत द्वारा तीर्थ यात्रियों के लिए अस्थायी व्यवस्थाएं की जाती थीं, लेकिन वर्षभर मेला लगने से स्थायी ढांचे के निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी क्रम में टनकपुर से पूर्णागिरि मंदिर तक लगभग 18.875 किलोमीटर मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख नालों पर पुलों का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। नायकगोठ के पास किरोडा नाले पर 480 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा, जिसकी लागत 48.37 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा इसी क्षेत्र में 120 मीटर लंबा दूसरा पुल 36 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है। दोनों पुलों का निर्माण ब्रिज कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन उत्तराखंड द्वारा किया जाएगा। निगम के परियोजना प्रबंधक आकाश भट्ट के अनुसार टेंडर जारी होने के बाद 18 माह के भीतर दोनों पुलों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

 

इसके साथ ही बांटनागाड़ क्षेत्र में 270 मीटर लंबे पुल का भी प्रस्ताव है, जिसकी अनुमानित लागत 36 करोड़ रुपये है। इस पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के खंड चंपावत द्वारा किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एमसी पलड़िया ने बताया कि पुल की डीपीआर तैयार हो चुकी है, हालांकि मामला फिलहाल वन विभाग में लंबित है, जिसके शीघ्र निस्तारण की उम्मीद है। वर्षाकाल में इन तीनों नालों में पानी का तेज बहाव रहता है, जिससे तीर्थ यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो जाती है । इन पुलों के निर्माण से यह समस्या समाप्त होगी और पूर्णागिरि धाम में वर्षभर निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा।

वर्षभर मेला आयोजित होने से चंपावत जिले को देशभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों की मेजबानी के लिए तैयार होना पड़ेगा। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले के अन्य रमणीय व धार्मिक स्थलों की ओर भी श्रद्धालुओं का रुख बढ़ेगा। स्थानीय लोगों में पुलों की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलने से खुशी का माहौल है और उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 

 

 

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