उद्यान विभाग की पहल—माल्टा, संतरा व कागजी नींबू की प्रदर्शनी से किसानों को संरक्षण और बाजार का संदेश,सिप्टी गांव में माल्टा महोत्सव बना आकर्षण का केंद्र, स्थानीय फल प्रजातियों को मिला नया मंच

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फोटो – माल्टा प्रदर्शनी का निरीक्षण करते जिलाधिकारी मनीष कुमार, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे एवं अन्य अधिकारी

चंपावत। चंपावत ब्लॉक के सिप्टी गांव में उद्यान विभाग द्वारा आयोजित माल्टा महोत्सव आज जनसामान्य के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना रहा। प्रदर्शनी में माल्टा, संतरा, बड़ा नींबू तथा विलुप्त होती जा रही स्थानीय प्रजाति जामीर (कागजी नींबू) को प्रदर्शित किया गया। फलों का आकार और गुणवत्ता यह दर्शा रही थी कि ग्रामीण क्षेत्रों में इन फलों के उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

कई किसानों ने बताया कि इस वर्ष माल्टा का व्यापक उत्पादन हुआ है, लेकिन सीजन के दौरान उन्हें इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाया। ऐसे में इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण, उनकी आर्थिक उपयोगिता और विपणन के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम की मूल अवधारणा “लोकल फोर वोकल” रही, जिससे स्थानीय उत्पादों को पहचान और बाजार उपलब्ध कराया जा सके। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत फल आधारित उत्पाद तैयार कर रहे स्थानीय उद्यमियों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने। माल्टा जूस, नींबू स्क्वैश, जैम और अन्य प्रसंस्कृत उत्पादों ने लोगों का खासा ध्यान खींचा। प्रदर्शनी का आयोजन जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहसंयोजक निधि जोशी, एडीओ आषिश रंजन खर्कवाल, प्रदीप पचौली, मुकेश बिष्ट, दिनेश बिष्ट, मनीष सिंघानिया, राकेश चतुर्वेदी, पूरन सिंह बिष्ट, अखिल राज बोहरा, सतीश कुमार सहित विभागीय कर्मचारियों का उल्लेखनीय सहयोग रहा। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए किसानों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मॉडल जिले में जिस तेजी से माल्टा और बुरांश का उत्पादन बढ़ रहा है, उसे स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थ के रूप में कोल्ड ड्रिंक के विकल्प के तौर पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिससे किसानों की आय बढ़े और आमजन को स्वास्थ्य लाभ मिले।

 

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चम्पावत। माल्टा प्रदर्शनी में महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किया गया माल्टा और नींबू का स्क्वैश लोगों को बेहद पसंद आया। इसकी मांग इतनी अधिक रही कि महिलाएं पर्याप्त मात्रा में तैयार नहीं कर सकीं। स्वाद और गुणवत्ता ने हर आगंतुक को प्रभावित किया।

 

माल्टा वर्ग मोत्थूराज फलीया मुरारी के भुवन मुरारी – प्रथम, लक्ष्मी जोशी – द्वितीय, देवेंद्र सिंह – तृतीय, संतरा वर्ग : सेलाखोला के कमल सिंह नेगी – प्रथम व नरेश ओली द्वितीय,

 

फल प्रसंस्करण : अतखंडी पंकज तिवारी – प्रथम 

 

नींबू वर्ग : गोशनी के दीपक खर्कवाल – प्रथम, कनवाडं के मोहन सिंह – द्वितीय, ठांटा के मोहन शर्मा – तृतीय।

 

 

 

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