जनता दरबार बना इंसाफ़ और इंसानियत का मंच, डीएम ने जोड़े 25 साल से टूटे रिश्ते। भूमि विवाद में उलझे चचेरे भाइयों में सुलह, दिव्यांगों, विधवाओं और महिलाओं की समस्याओं को मिली सर्वोच्च प्राथमिकता

Spread the love

 

फोटो – जिलाधिकारी के जनता दरबार में अपनी समस्याएं लेकर छोटे बच्चों के साथ पहुंचीं गरीब और जरूरतमंद महिलाएं

चंपावत। जिलाधिकारी का जनता दरबार केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह टूटे हुए दिलों और बिखरे रिश्तों को जोड़ने का माध्यम भी बनता जा रहा है। इसका ताज़ा उदाहरण फुलेरा गांव से सामने आया, जहां पिछले 25 वर्षों से भूमि विवाद को लेकर कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे चचेरे भाई हरिजात फुलारा और हरिदत्त फुलारा जनता दरबार में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद जिलाधिकारी ने भावुक अंदाज़ में कहा “आधी ज़िंदगी तो आपने कोर्ट के चक्कर में गुज़ार दी, अब आगे और कितना समय लगाओगे। भाई संपत्ति नहीं, विपत्ति में काम आता है। रावण शक्ति होते हुए भी भाई के बिना हार गया, जबकि भगवान श्रीराम ने भाई लक्ष्मण के साथ विजय पाई।”

जिलाधिकारी के इन शब्दों का गहरा असर हुआ और दोनों पक्ष आपसी सुलह के लिए सहमत हो गए। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दो दिनों के भीतर समझौता कराए जाने का निर्णय लिया गया, जिससे वर्षों से टूटे खून के रिश्तों में फिर से नई जान आने की उम्मीद जगी है।

जनता दरबार में मानवीय संवेदनाओं का एक और उदाहरण तब देखने को मिला जब दोनों हाथों से दिव्यांग धवन गांव की चंद्रा देवी की पेंशन स्वीकृत की गई। साथ ही उन्हें शौचालय सुविधा देने, उनके मकान को नाले से हो रहे खतरे को देखते हुए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण के आदेश भी दिए गए।

दूरस्थ नीड़ गांव से दूधमुंही बच्ची को गोद में लेकर पहुंची विधवा जानकी देवी को आवासीय सुविधा प्रदान की गई। जनता दरबार में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ फरियाद लेकर पहुंचीं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगों, वृद्धों और महिलाओं की समस्याएं उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। नागनाथ वार्ड की एक शारीरिक रूप से कमजोर और अत्यंत गरीब महिला की पेयजल समस्या का समाधान होते ही वह भावुक हो गई और जिलाधिकारी के पैरों में गिर पड़ी। इस दृश्य ने जनता दरबार में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। जाते-जाते महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंदों ने जिलाधिकारी को दिल से आशीर्वाद दिया।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *