तल्लादेश में वनों के बीच बना हेलीपैड, पर्यटन और तीर्थ विकास को मिलेगी नई उड़ान, विश्व प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ मठ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनेगा मील का पत्थर

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फोटो: तल्लादेश क्षेत्र में उच्च तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किया गया हेलीपैड।

चंपावत। तल्लादेश क्षेत्र के घने और मनोरम वनों के बीच निर्मित नवीन हेलीपैड का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। इस हेलीपैड के तैयार होने से क्षेत्र में पर्यटन और तीर्थाटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ मठ में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हितेश ने बताया कि यह हेलीपैड भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप लगभग 25 लाख रुपये की लागत से मात्र तीन माह की अल्पावधि में तैयार किया गया है। हेलीपैड का विकसित क्षेत्रफल लगभग 30 मीटर है और इसे अत्यंत सुरक्षित व उच्च तकनीकी मानकों के आधार पर बनाया गया है। यह हेलीपैड ऐसे रमणीय स्थल पर स्थित है, जहां चारों ओर हरे-भरे वनों का प्राकृतिक सौंदर्य फैला हुआ है। इसी स्थान से कुछ ही दूरी पर स्थित गुरु गोरखनाथ का विश्व प्रसिद्ध मठ है, जिसकी मान्यता और ख्याति देश ही नहीं, विदेशों तक फैली हुई है। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना के अनुरूप चंपावत जिले को मॉडल जिले के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि अन्य हिमालयी राज्य भी इस विकास मॉडल से प्रेरणा ले सकें। इसी क्रम में आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।

अधिशासी अभियंता हितेश कांडपाल के अनुसार यह हेलीपैड उच्च तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप निर्मित है। इसके साथ ही जिले में अब तक तीन हेलीपैड पूर्ण रूप से तैयार हो चुके हैं, जो आपात सेवाओं, पर्यटन और वीआईपी आवागमन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

निस्संदेह, तल्लादेश का यह हेलीपैड आने वाले समय में क्षेत्र के पर्यटन, तीर्थाटन और विकास को नई दिशा देगा।

 

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