
फोटो – चौड़ी राय में नशामुक्त एवं भव्य खड़ी होली के आयोजन को लेकर हुई बैठक में मौजूद ग्रामीण।
लोहाघाट। नगर क्षेत्र से लगी आदर्श ग्रामसभा चौड़ी राय इस वर्ष अपनी ऐतिहासिक खड़ी होली को और अधिक भव्य, दिव्य एवं नशामुक्त स्वरूप में मनाने जा रही है। एकादशी से प्रारंभ होने वाले इस पारंपरिक पर्व को लेकर ग्राम प्रधान जानकी राय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेश राय तथा पूर्व ग्राम प्रधान जितेन्द्र राय ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि होली पर्व को पूर्णतः नशामुक्त रखा जाएगा और गांव की सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ही मनाया जाएगा। ग्रामवासियों ने एक स्वर में कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि अपनी जड़ों और विरासत के संरक्षण का संकल्प है।
चौड़ी राय की खड़ी होली की विशेष पहचान यह है कि गांव की चौपाल में एक ओर महिलाएं और दूसरी ओर पुरुष आमने-सामने खड़े होकर पारंपरिक रागों में होली का गायन करते हैं। ढोलक और मंजीरों की थाप पर जब सामूहिक स्वर उठते हैं, तो पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो जाता है। यह परंपरा सामाजिक समरसता और एकता की सशक्त मिसाल मानी जाती है। इस खड़ी होली का आकर्षण ऐसा है कि देश-विदेश में नौकरी और व्यवसाय कर रहे प्रवासी ग्रामीण भी इस पर्व को मनाने के लिए अपने गांव लौट आते हैं। वर्षभर दूर रहने वाले लोग भी होली के अवसर पर अपनी मिट्टी, अपनी बोली और अपनी संस्कृति से जुड़ने को प्राथमिकता देते हैं। आसपास के क्षेत्रों, विशेषकर लोहाघाट और चम्पावत से भी बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन को देखने और सुनने पहुंचते हैं। बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव के सभी प्रमुख मंदिरों में पारंपरिक होली गायन होगा तथा ऋषेश्वर मंदिर में विशेष आयोजन कर उत्सव को और अधिक भव्य स्वरूप दिया जाएगा। बैठक में शिक्षाविद नाथूराम राय, गंगा दत्त राय, हरीश कापड़ी, रमेश राय, उमापति राय, नीरज राय, सुनील राय, मनोज कापड़ी, राजेन्द्र राय एवं जीवन राय सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर संकल्प लिया कि इस बार चौड़ी राय की खड़ी होली अनुशासन, संस्कृति और सामाजिक एकता की नई मिसाल बनेगी।


