
हल्द्वानी :- हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद पर बड़ा फैसला :- Supreme Court of India ने कहा—सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा मान्य नहीं, पुनर्वास नीति के तहत ही मिलेगी वैकल्पिक व्यवस्था ,सरकारी जमीन पर बसे लोग वहीं रहने की मांग नहीं कर सकते
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से स्पष्ट हुआ रुख, प्रभावितों को सरकार की नीति के अनुसार हटना होगा बनभूलपुरा मामले की सुनवाई के दौरान मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सुर्यकांत ने कहां कि सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा करने वाल यह तय नहीं कर सकते की रेलवे को अपनी जमीन का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए शीर्ष अदालत ने कहा कि लोगों के लिए रेलवे लाइनों के इतने पास रहना असुरक्षित और जोखिम भरा है ऐसे में बेहतर होगा कि वह किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि किसी सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने वाले यह दांवा नहीं कर सकतें। लोग सिर्फ यहीं दावा कर सकते हैं कि उनका पुनर्वास किया जाये।
पीएम आवास योजना के तहत मकान के लिए करें आवेदन रमजान के बाद 19 मार्च पश्चात लगेंगे विशेष कैंप, पात्रता का निर्णय जिला प्रशासन करेगा गफूर बस्ती के दावों पर कोर्ट की नजर, कुछ जमीन रेलवे तो कुछ राज्य सरकार की बताई गई वैध पट्टाधारकों को मुआवजा देकर होगा अधिग्रहण।
30 हेक्टेयर भूमि पर विस्तार चाहता रेलवे, स्टेशन विकास और ट्रैक शिफ्टिंग की है योजना, अतिक्रमण के कारण अटकी पड़ी है परियोजना
राज्य सरकार ने कोर्ट में रखा पक्ष
अधिकतर लोगों को बताया अवैध कब्जाधारी, पात्र लोगों को मिलेगा मुआवजा और पुनर्वास
5 हजार से ज्यादा परिवार हो सकते हैं प्रभावित, करीब 27 हजार लोगों के रहने का सरकारी दावा, याचिकाकर्ताओं ने संख्या 50 हजार तक बताई
पहले Uttarakhand High Court ने हटाने का दिया था आदेश।
5 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी रोक, अब मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी ।


