
फोटो – मांडल जिले में पहली बार यहां के आकाश में रोमांच दिखाता पैरामोटर।
चम्पावत/टनकपुर। चम्पावत की शांत वादियों ने आज रोमांच, साहस और संकल्प का अनूठा संगम देखा, जब चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026 के अंतर्गत भारत में पहली बार आयोजित की जा रही ‘पैरामोटर क्रॉस कंट्री चम्पावत 2026’ का भव्य आगाज़ हुआ। यह आयोजन भारतीय साहसिक पर्यटन के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मांडल जिले में शीतकालीन पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस अभिनव पहल के तहत 120 किलोमीटर लंबी पैरामोटर क्रॉस कंट्री उड़ान की शुरुआत की गई। सात जांबाज़ पायलटों ने एक साथ उड़ान भरते हुए दुर्गम पर्वतीय भूभाग के ऊपर से रोमांचक हवाई यात्रा आरंभ की।
यह ऐतिहासिक उड़ान उचौलिगोठ से डांडा, रीठा और लोहाघाट होते हुए चौथे दिन टनकपुर पहुंचेगी। पर्वतीय वादियों के ऊपर से गुजरती यह यात्रा न केवल साहसिक खेल का अद्भुत प्रदर्शन है, बल्कि जनपद की प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने का सशक्त माध्यम भी है।
यह आयोजन केवल रोमांच तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष भर पर्यटन गतिविधियों को गति देने, शीतकालीन पर्यटन को नई पहचान दिलाने और पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
चम्पावत की धरती से भरी गई यह उड़ान आने वाले समय में उत्तराखंड को एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।


