

हल्द्वानी। कुछ दिनों पहले ऊंचा पुल पर प्राधिकरण द्वारा पास किए गए नक्शे और पत्रकार पर हुए हमले के बाद प्राधिकरण का बुडोजर ने उक्त भवन को गिरा दिया था तो वही आईने की दूसरी तस्वीर, नक्शा पास कराए अगर कोई आम आदमी एक कमरा भी बना दे, तो प्राधिकरण का बुलडोजर देर नहीं लगाता। लेकिन यहां मामला एक पूरे स्कूल भवन का है और वह भी नियमों को दरकिनार कर खड़ा किया गया। सवाल सीधा है क्या यही काम कोई आम नागरिक करता, तो क्या तब भी जिला विकास प्राधिकरण की मेहरबानी यूं ही बनी रहती?
सवाल जिले में शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों पर भी कि जब विद्यालय भवन का नक्शा ही पास नहीं है तो कैसे विद्यालय संचालन की अनुमति दे दी गई? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनकी पड़ताल आगे जारी रहेगी और सच आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
सवाल यह भी क्या प्राइवेट स्कूल एसोसिशन हल्द्वानी के जिम्मेदार इस खुलासे के बाद अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे क्योंकि यह मामला अभिभावकों और उनके नौनिहालों के भविष्य से जुड़ा है।
रामपुर रोड स्थित पंचायत घर क्षेत्र में संचालित निजी स्कूल के संचालक की समाजविरोधी प्रवृत्ति और कार्यशैली लगातार सवालों के घेरे में आ रही है। पहले न्यू आदर्श कॉलोनी के लोगों का पारंपरिक रास्ता रोककर और अब बिना स्वीकृत नक्शे के स्कूल की बिल्डिंग का मामला। और जब इस पूरे मामले को स्वतंत्र पत्रकार संजय पाठक ने बेपर्दा किया तो उल्टा उन्हें ही नोटिस देकर डराने का दुस्साहस।
खुलासा हुआ है कि पंचायत घर रामपुर रोड में निजी स्कूल के संचालक गिरजेश पांडे ने बिना स्वीकृत मानचित्र के ही स्कूल भवन का निर्माण करा दिया। यह खुलासा प्राधिकरण के संयुक्त सचिव के आधिकारिक पत्र में हुआ है, जिसमें “समाधान पोर्टल” सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के आधार पर जांच की गई।
प्राधिकरण की ओर से साफ किया गया है कि यह प्रकरण अब जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, हल्द्वानी के न्यायालय में विचाराधीन है। यानी मामला अब कानूनी दायरे में पहुंच चुका है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।
आयुक्त के आदेश के बाद टूटे दोनों अवैध गेट
इससे पहले भी न्यू आदर्श कॉलोनी के लोगों ने स्कूल प्रबंधन की मनमानी को लेकर शिकायत की थी। कॉलोनीवासियों ने मुख्यमंत्री सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से गुहार लगाई थी कि कॉलोनी की सड़क पर अवैध तरीके से लगाए गए गेट हटाए जाएं, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। अपने शिकायती पत्र में कॉलोनी के लोगों ने निजी स्कूल संचालक गिरजेश पांडे पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।


आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया और 31 मार्च को पारंपरिक मार्ग पर लगाए गए दोनों गेटों को तोड़ने के आदेश दिए गए। जिसके बाद कॉलोनीवासियों को राहत मिली और खुशी में कॉलोनी के लोग मिठाई लेकर आयुक्त को धन्यवाद देने भी पहुंचे।

अब न्यूज बम के सीधे सवाल
एक तरफ कॉलोनी की सड़क घेरने के आरोप, दूसरी तरफ बिना नक्शा पास कराए स्कूल का भवन खड़ा करने का मामला ये घटनाएं साफ इशारा करती हैं कि नियम-कायदों को नजरअंदाज करना कोई एक बार की गलती नहीं, बल्कि लगातार चल रही प्रवृत्ति है। क्योंकि यह कोई छोटा-मोटा निर्माण नहीं, बल्कि एक संस्थान है जहां बच्चों का भविष्य जुड़ा होता है। ऐसे में नियमों की अनदेखी सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती है।
फिलहाल मामला जिला विकास प्राधिकरण के न्यायालय में विचाराधीन है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं, या फिर कुछ लोगों के लिए कानून अलग तरीके से लागू होता है?
कॉलोनी के लोगों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपा शिकायती पत्र 👇🔴



