

फोटो – चिड़ियाढूंगा गांव में “गोल्ज्यू संदेश यात्रा” का स्वागत करते ग्रामीण एवं श्रद्धालु।
लोहाघाट। चंपावत स्थित भगवान गोल्ज्यू महाराज मंदिर की पुण्यभूमि से प्रारंभ हुई बहुप्रतीक्षित “गोल्ज्यू संदेश यात्रा” 20 दिनों तक उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना की अलख जगाने के बाद पुनः चंपावत लौट आई। यात्रा के वापस पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत करते हुए भगवान गोल्ज्यू महाराज के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 19 अप्रैल को चंपावत से करीब डेढ़ दर्जन श्रद्धालुओं के साथ निकली यह यात्रा टनकपुर, रुद्रपुर, सितारगंज, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, चमोली, बदरीनाथ धाम, ग्वालदम, बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, घोड़ाखाल, बाराही धाम और लोहाघाट सहित उत्तराखंड के कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों से होकर गुजरी।
यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक दर्शन नहीं बल्कि समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना, सामाजिक एकता को बढ़ावा देना तथा उत्तराखंड में स्थापित गोल्ज्यू महाराज के मंदिरों को एक सूत्र में जोड़कर न्याय, सत्य और लोकआस्था के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
मुख्य डांगर कमलजीत सिंह जीना, “अपनी धरोहर न्यास” के अध्यक्ष विजय भट्ट तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखीराम जोशी के नेतृत्व में शुरू हुई इस यात्रा में 18 सदस्य शामिल रहे। यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का कारवां लगातार जुड़ता गया और यह यात्रा आस्था के विशाल जनसमूह में बदलती चली गई। यात्रा के दौरान सिल्क्यारा टनल के समीप नव निर्मित बौखनाथ मंदिर, रेणुका देवी मंदिर, सेमनागराज मंदिर, बूढ़ा केदार मंदिर, चंद्रबदलनी मंदिर, सुरकंडा देवी मंदिर, बदरीनाथ मंदिर और धूनीरामडी मंदिर में विशेष देव मिलन कार्यक्रम आयोजित हुए।
धूनीरामडी स्थित गोल्ज्यू महाराज का विशाल पौराणिक मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना, जहां के पुरोहितों का मूल संबंध चंपावत से बताया जाता है।
वहीं कपकोट के प्रसिद्ध ढोल वादक मोहन दा के नेतृत्व में मनोज राम, चतुर राम और खुशाल सिंह की लोकधुनों एवं मधुर स्वरों ने यात्रा को आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया। दल में पारस कांडपाल, पंडित दीपक पांडे, दीक्षित दुर्गपाल और हर्षित हरबोला भी शामिल रहे।
लोहाघाट के समीप चिड़ियाढूंगा गांव पहुंचने पर “गोल्ज्यू संदेश यात्रा” का ग्रामीणों और महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भावपूर्ण स्वागत किया। “अपनी धरोहर न्यास” के सचिव सतीश चंद्र पांडे के नेतृत्व में महिलाओं ने आरती उतारकर यात्रा का अभिनंदन किया तथा भगवान गोल्ज्यू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवती मंदिर में दर्शन कर मंगलकामनाएं कीं।


