

फोटो – श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर गंगा पूजन के बाद निकली भव्य कलश यात्रा में कलश धारण कर शामिल श्रद्धालु।
गंगा पूजन, आरती और शिव आराधना के बाद निकली कलश यात्रा; पूर्व शिक्षाविद् नाथूराम राय के संयोजन में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ।
लोहाघाट। कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ऋषेश्वर महादेव मंदिर में आध्यात्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूर्व शिक्षाविद् नाथूराम राय के संयोजन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, गंगा पूजन और भगवान शिव की आराधना के साथ हुआ। कथा के शुभारंभ से पूर्व पंडित प्रकाश पुनेठा एवं प्रदीप ने विधि-विधान से गंगा पूजन, आरती तथा भगवान शिव की पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद गंगा जल से कलश भरकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।भजन-कीर्तन और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। पारंपरिक परिधानों में महिलाएं एवं श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर कथा स्थल तक पहुंचे। श्रद्धा और उल्लास से सराबोर वातावरण में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया। कथा वाचक आचार्य ब्रजराज पार्थ सारथी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, प्रेम और सद्मार्ग की दिशा दिखाने वाली आध्यात्मिक धारा है। इसके श्रवण से मन में भक्ति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जीवन को धर्म, सत्य, प्रेम और कर्म का संदेश देती हैं तथा व्यक्ति को मोह-माया से ऊपर उठाकर परमात्मा की भक्ति की ओर प्रेरित करती हैं। पूर्व शिक्षाविद् एवं कथा संयोजक नाथूराम राय ने कहा कि क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को मजबूत करने के उद्देश्य से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ अर्जित करने का आह्वान किया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन का आनंद लिया और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। आगामी दिनों में भी कथा प्रवचन के साथ विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में दर्जा राज्यमंत्री सुभाष बगौली, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, दरवान सिंह रजवार, भैरव दत्त राय, प्रकाश राय, प्रहलाद मेहता, गोविंद बोहरा, गिरीश कुंवर, कैलाश बगौली, दीपक जोशी, रमेश बिष्ट, रमेश राय, सुशीला बोहरा, सरोज पुनेठा, सुषमा फर्त्याल, गीता राय समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहें।



