उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की प्रगति को नई गति: परीक्षा परिणाम, प्रवेश विस्तार और आगामी आयोजनों की तैयारियाँ

 

 

हल्द्वानी, 17 अक्टूबर 2026। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं परीक्षा संबंधी उपलब्धियों, पर्यावरण-अनुकूल पहलों, शिक्षार्थी सहायता कार्यक्रमों तथा आगामी प्रमुख आयोजनों की जानकारी साझा की गई। इस अवसर पर जुलाई 2026 सत्र की परीक्षाओं एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से संपन्न कर मात्र 20 दिनों में परीक्षा परिणाम घोषित करने को विश्वविद्यालय की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही, जुलाई 2026 सत्र में कुल प्रवेश की संख्या बढ़कर 48,444 होने तथा नेपाल के शिक्षार्थियों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने की जानकारी साझा की गई। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय परिसर में ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन की स्थापना, शिक्षार्थियों के लिए प्रवेश दीक्षारंभ कार्यक्रम, विश्वविद्यालय के 21वें स्थापना दिवस तथा आगामी दीक्षांत समारोह की तैयारियों की जानकारी भी दी गई।

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की प्रगति को नई गति: परीक्षा परिणाम, प्रवेश विस्तार और आगामी आयोजनों की तैयारियाँ

समयबद्ध परीक्षा एवं मूल्यांकन से मात्र 20 दिनों में परिणाम घोषित

 

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय ने जुलाई 2026 सत्र की परीक्षाओं एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, समन्वित और निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न करते हुए परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय द्वारा इस सत्र की परीक्षाओं का आयोजन 20 जुलाई से 27 अगस्त 2026 तक किया गया, और केंद्रीय मूल्यांकन की प्रक्रिया 13 सितम्बर 2026 तक संचालित की गई। परीक्षा संचालन और मूल्यांकन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए विश्वविद्यालय ने परीक्षा सम्पन्न होने के बाद मात्र 17 दिनों में परीक्षा परिणाम जारी करने का उल्लेखनीय कार्य किया।

 

इस सत्र में विश्वविद्यालय के अंतर्गत कुल 80 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएँ आयोजित की गईं।

 

केंद्रीय मूल्यांकन प्रक्रिया को सफल बनाने में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े लगभग 300 शिक्षकों एवं प्राध्यापकों ने योगदान दिया। इनमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय तथा रुहेलखंड विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के शिक्षक शामिल रहे। उत्तराखण्ड के कुमाऊँ विश्वविद्यालय एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थानों के शिक्षकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रही। विश्वविद्यालय ने सामूहिक प्रयासों, प्रभावी समन्वय और समयबद्ध कार्यप्रणाली के माध्यम से परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

 

प्रवेश में वृद्धि, विश्वविद्यालय के प्रति शिक्षार्थियों का बढ़ता रुझान

 

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के जुलाई 2026 सत्र में प्रवेश के आँकड़ों में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई है। जुलाई 2025 सत्र में विश्वविद्यालय में कुल 46,558 प्रवेश हुए थे, जबकि जुलाई 2026 सत्र में यह संख्या बढ़कर 48,444 हो गई। इस प्रकार कुल प्रवेश में 1,886 की वृद्धि अर्थात लगभग 4.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी प्रकार, नए प्रवेशों की संख्या जुलाई 2025 सत्र के 19,277 से बढ़कर जुलाई 2026 सत्र में 19,757 हो गई। ये आँकड़े विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रति शिक्षार्थियों की बढ़ती रुचि और मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसरों की महत्ता को रेखांकित करते हैं।

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की प्रगति को नई गति: परीक्षा परिणाम, प्रवेश विस्तार और आगामी आयोजनों की तैयारियाँ

नेपाल तक विस्तारित हुआ प्रवेश का दायरा

 

विश्वविद्यालय ने अपनी शैक्षणिक पहुँच का विस्तार करते हुए नेपाल के शिक्षार्थियों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की है। यह पहल भौगोलिक सीमाओं से परे उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से अधिक से अधिक शिक्षार्थियों तक पहुँचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य में क्षेत्रीय स्तर पर शैक्षणिक सहयोग और उच्च शिक्षा के अवसरों के विस्तार की संभावनाएँ भी मजबूत होंगी।

 

ईज़ी चार्ज के सहयोग से ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन की स्थापना एवं हरित परिसर की दिशा में पहल

 

विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में विभिन्न पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय एवं ईज़ी चार्ज (EZY Charge) के सहयोग से स्थापित ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया। इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में विद्युत वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की आवश्यकता को देखते हुए विद्युत वाहनों के लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण है।

 

इसके अतिरिक्त, जुलाई माह में हरेला पर्व के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य परिसर को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप प्रदान करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस पहल के माध्यम से परिसर में हरित क्षेत्र के विस्तार, वृक्षों के संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया गया। ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन की स्थापना और हरेला पर्व पर पौधरोपण जैसी पहलें विश्वविद्यालय की पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य एक स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील विश्वविद्यालय परिसर के निर्माण में योगदान देना है।

 

हल्द्वानी स्थित मॉडल अध्ययन केंद्र के शिक्षार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम

 

शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अध्ययन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से 18 अक्टूबर 2026 को हल्द्वानी स्थित मॉडल अध्ययन केंद्र (16000) के शिक्षार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

 

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, पाठ्यक्रम संबंधी व्यवस्थाओं, अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, परीक्षा प्रक्रिया तथा उपलब्ध शैक्षणिक सहायता सेवाओं के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करना है। मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली में शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की प्रक्रियाओं से परिचित कराना तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना उनकी शैक्षणिक यात्रा को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

विश्वविद्यालय द्वारा इस कार्यक्रम को शिक्षार्थी-केंद्रित पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। हल्द्वानी स्थित मॉडल अध्ययन केंद्र में कार्यक्रम के आयोजन के पश्चात इसे अन्य अध्ययन केंद्रों में भी आयोजित किए जाने की योजना है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं एवं सहायता सेवाओं से परिचित होने का अवसर मिल सके।

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की प्रगति को नई गति: परीक्षा परिणाम, प्रवेश विस्तार और आगामी आयोजनों की तैयारियाँ

31 अक्टूबर को विश्वविद्यालय का 21वाँ स्थापना दिवस

 

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के 21वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन 31 अक्टूबर 2026 को किया जाना प्रस्तावित है। इस अवसर को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में तैयारियाँ जारी हैं। स्थापना दिवस विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा, मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान तथा शिक्षार्थियों तक उच्च शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करने के प्रयासों के मूल्यांकन का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

 

विश्वविद्यालय ने अपने स्थापना काल से ही दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा के माध्यम से विभिन्न वर्गों के शिक्षार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया है। स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करने का अवसर मिलेगा।

 

18 नवम्बर को आयोजित होगा दीक्षांत समारोह

 

विश्वविद्यालय का आगामी दीक्षांत समारोह 18 नवम्बर 2026 को आयोजित किया जाएगा। समारोह के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियाँ जारी हैं। दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें सफल शिक्षार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियाँ प्रदान की जाती हैं।

 

समारोह की तैयारियों के अंतर्गत विभिन्न आवश्यक व्यवस्थाओं एवं आयोजन संबंधी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की गई जानकारियों के माध्यम से विश्वविद्यालय की परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली को अधिक समयबद्ध बनाने, प्रवेश में वृद्धि एवं शैक्षणिक पहुँच के विस्तार, शिक्षार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने, पर्यावरण-अनुकूल पहलों को प्रोत्साहित करने तथा आगामी महत्वपूर्ण आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न करने के प्रयासों को रेखांकित किया गया। विश्वविद्यालय इन पहलों के माध्यम से शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और शिक्षार्थी-केंद्रित सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

प्रेसवार्ता में कुलसचिव खेमराज भट्ट, वित्त नियंत्रक सूर्यप्रताप सिंह, निदेशक सीका प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डेय, निदेशक, क्षेत्रीय सेवाएं प्रो. एम एम जोशी, प्रभारी परीक्षा नियंत्रक प्रो. आशुतोष भट्ट,प्रभारी प्रवेश डॉ. सुमित कुमार आदि मौजूद रहे।