

गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 के विजेता सम्मानित, सीमांत में साहसिक पर्यटन से रोजगार पर जोर
गुंजी (पिथौरागढ़)। उत्तराखण्ड के साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बड़ी घोषणा की। गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 के दौरान उन्होंने बताया कि अगले वर्ष मई के पहले सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ का आयोजन होगा। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर ऊंचे माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ, जोशीमठ होते हुए औली तक जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश परिक्रमा रन की 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर श्रेणी के विजेताओं को पुरस्कृत किया और विभिन्न राज्यों से आए धावकों का उत्साह बढ़ाया। गुंजी पहुंचने पर रं समुदाय ने उन्हें पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर स्वागत किया, जिसमें क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की परीक्षा है। उन्होंने आयोजन में सहयोग के लिए सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारियों व जवानों को सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि 2025 के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावक शामिल हुए थे और इस वर्ष क्षेत्र के लिए जारी इनर लाइन परमिट में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से होमस्टे संचालकों, गाइडों, परिवहन, होटल और खानपान कारोबारियों को सीधा लाभ मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन का फायदा स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और गांवों से पलायन रुके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष नीति घाटी में भी अल्ट्रा रन सफल रहा। औली, मुनस्यारी, ऋषिकेश और टिहरी सहित कई क्षेत्रों में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और एंगलिंग जैसी गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, स्वरोजगार और सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्यमंत्री) अशोक सिंह नबियाल, सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, सेना, आईटीबीपी व एसएसबी के अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



