
चंपावत। वैलेंटाइन डे के मौके पर जहां हर तरफ प्रेम कहानियों की चर्चा है, वहीं एक ऐसी कहानी भी है जो वर्दी की सख्ती के बीच दिल की नर्मी को बयां करती है। यह कहानी है दो भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों रेखा यादव और अजय गणपति—की, जिनकी मुलाकात ट्रेनिंग के दौरान हुई और जो दोस्ती से शुरू होकर जीवनभर के साथ में बदल गई। साल 2018 और 2019 बैच के ये दोनों अफसर हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे थे। सख्त दिनचर्या, परेड और कक्षाओं के बीच शुरू हुई सामान्य बातचीत कब गहरी दोस्ती में बदली और फिर प्यार का रूप ले लिया, उन्हें खुद भी शायद अंदाजा नहीं हुआ। बताया जाता है कि 2019 उत्तराखंड कैडर की आईपीएस रेखा यादव मूल रूप से राजस्थान के जयपुर जिले के कोटपुतली की रहने वाली हैं। भाई-बहनों में सबसे छोटी रेखा का सपना कभी डॉक्टर बनने का था, लेकिन किस्मत ने उन्हें एक अलग राह पर आगे बढ़ाया। संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई और वर्दी पहनकर देश सेवा का संकल्प लिया। प्रशिक्षण के दौरान एक हादसे में रेखा यादव का पैर टूट गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वहीं उनकी मुलाकात 2018 पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अजय गणपति से हुई। अस्पताल के उस दौर में शुरू हुई बातचीत ने दिलों के बीच दूरी खत्म कर दी। अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से होने के बावजूद दोनों के बीच समझ और स्नेह गहराता गया।
समय के साथ यह रिश्ता इतना मजबूत हुआ कि दोनों ने पहले कोर्ट मैरिज की और फिर पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह बंधन में बंध गए। कर्तव्य की राह पर साथ चलने का वादा अब जीवन की राह का भी संकल्प बन गया।
वर्तमान में अजय गणपति चंपावत में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे और हाल ही में उनका स्थानांतरण उधम सिंह नगर के एसएसपी के रूप में हुआ है। वहीं उनकी जीवनसंगिनी रेखा यादव अब चंपावत की नई पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभालेंगी। यह प्रेम कहानी सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जिम्मेदारियों की वर्दी पहनने वाले दिल भी धड़कते हैं और जब प्यार सच्चा हो, तो दूरी, परंपरा और चुनौतियां सब छोटी पड़ जाती हैं।


