
फोटो – राजकीय महाविद्यालय लोहाघाट में आयोजित ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को हल्दी व फूलों से हर्बल रंग बनाना सिखातीं वैली क्रिएशन की प्रशिक्षक।
लोहाघाट। राजकीय महाविद्यालय लोहाघाट में ‘नमामि गंगे’ एवं ‘अर्थ गंगे’ योजना के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. संगीता गुप्ता ने की। आयोजन में वैली क्रिएशन संस्था की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम में ‘नमामि गंगे’ से जुड़ीं डॉ. लता कैड़ा, डॉ. कमलेश सक्ता तथा नोडल अधिकारी डॉ. सुमन पांडेय ने आगामी होली पर्व के मद्देनज़र कैमिकल युक्त रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रासायनिक रंगों के प्रयोग से त्वचा, आंखों और स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं, साथ ही भूमिगत जल और नदियों का प्रदूषण भी बढ़ता है, जबकि नमामि गंगे कार्यक्रम का मूल उद्देश्य गंगा एवं अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ और अविरल बनाए रखना है।
वैली क्रिएशन की संरक्षिका श्रीमती नेहा मुरारी एवं उनकी प्रशिक्षक श्रीमती अनिता ने छात्र-छात्राओं को हल्दी, नीम और विभिन्न फूलों से प्राकृतिक अबीर-गुलाल तैयार करने की विधि सिखाई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि घरेलू एवं प्राकृतिक संसाधनों से बने रंग न केवल सुरक्षित होते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होते हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय के बीएड विभाग सहित विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. के.सी. जोशी, डॉ. दिनेश व्यास, डॉ. अभिषेक पंत, डॉ. अनिता खर्कवाल, डॉ. नीरज कांडपाल, डॉ. सीमा नेगी, श्रीमती प्रीति सामंत, श्रीमती मीना मेहता सहित अन्य प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने हर्बल रंग निर्माण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे समाज में अपनाने और प्रचारित करने का संकल्प लिया।


