
फोटो – कनवाड़ गांव में कुमाऊं के पहले इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर का उद्घाटन करते सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी।
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चम्पावत मॉडल जिले में विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत अब जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या का भी समाधान तलाश लिया गया है। सेतु आयोग द्वारा आप गीज संस्था के सहयोग से एक विशेष पाउडर तैयार किया गया है, जिसकी सुगंध जंगली जानवरों को रास नहीं आएगी और खेत पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
यह जानकारी सेतु आयोग के उपाध्यक्ष एवं प्रख्यात कॉरपोरेट विशेषज्ञ राजशेखर जोशी ने पाटी ब्लॉक के कनवाड़ गांव में कुमाऊं के पहले एवं उत्तराखंड के तीसरे इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर के उद्घाटन के बाद दी। उन्होंने कहा कि किसानों की हाड़तोड़ मेहनत को जंगली जानवरों से बचाने के लिए यह नवाचार कारगर सिद्ध होगा और पलायन की परिस्थितियां अब बीते दिनों की बात बनेंगी।
उन्होंने बताया कि यह इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर एक ग्रामीण मिनी सचिवालय की तरह कार्य करेगा, जहां एक ही स्थान पर लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी। योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को सामाजिक, तकनीकी और बौद्धिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे स्वयं रोजगार से जुड़कर दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बन सकें।
राजशेखर जोशी ने बताया कि आगामी पांच वर्षों में उत्तराखंड में ऐसे 80 केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भूमि और प्रकृति की इस देन को तकनीकी नवाचार से जोड़कर गांवों के हर्बल उत्पादों को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। कार्यक्रम में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और किसानों ने श्री जोशी एवं उनकी टीम का भावपूर्ण स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रमेश राणा ने की तथा संचालन विक्रम कठायत ने किया। क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि ईश्वर बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर उद्यान, कृषि, पंचायती राज एवं विकास विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।


