59 वर्षों में पहली बार होगा ऐतिहासिक पुरातन छात्र मिलन समारोह , पंडित बेनीराम पुनेठा राजकीय इंटर कॉलेज लोहाघाट में 11 फरवरी को सजेगा गौरवशाली अतीत का मंच

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फोटो – गौरवशाली अतीत को समेटे पंडित बेनीराम पुनेठा राजकीय इंटर कॉलेज, लोहाघाट का भव्य भवन।

लोहाघाट। चंपावत जिले की शैक्षिक विरासत और अतीत के गौरव के प्रतीक पंडित बेनीराम पुनेठा राजकीय इंटर कॉलेज, लोहाघाट में स्थापना के 59 वर्षों बाद पहली बार भव्य पुरातन छात्र मिलन समारोह (एलुमनी मीट) का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर क्षेत्र के लोगों और पूर्व छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

वर्ष 1947 में स्थापित इस ज्ञानपीठ की नींव को मजबूत करने में दानवीर पंडित बेनीराम पुनेठा और उनके परिवार का अमूल्य योगदान रहा। पंडित बेनीराम पुनेठा के पुत्रों ने उस समय पचास हजार रुपए की धनराशि दान कर जूनियर हाई स्कूल की स्थापना कराई। बाद में यह विद्यालय हाई स्कूल बना और कुछ समय पश्चात सरकार द्वारा अधिग्रहित कर राजकीय इंटर कॉलेज का दर्जा प्राप्त हुआ। वहीं पाटन गांव के पाटनी, पांडे एवं लोहाघाट के राय बंधुओं द्वारा विद्यालय की स्थापना हेतु 22 एकड़ भूमि दान की गई, जो आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

वर्ष 1956 में विद्यालय को इंटरमीडिएट का दर्जा मिला। प्रारंभिक काल में पं बेनी प्रसाद भट्ट जैसे विद्वान प्रधानाचार्य शिक्षकों के मार्गदर्शन और बाद में प्रधानाचार्य आर.सी. तिवारी के नेतृत्व में विद्यालय ने ऐसा स्वर्णिम दौर देखा कि इसकी पहचान लखनऊ, बनारस, फैजाबाद, प्रयागराज और अल्मोड़ा के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के समकक्ष मानी जाने लगी। उस दौर में यहां ऐसे शिक्षक सेवा देते थे जिनकी विद्वता और अनुशासन की चर्चा आज भी क्षेत्र में होती है। यह विद्यालय तत्कालीन चंपावत तहसील जिसे उस समय काली कुमाऊं तहसील कहा जाता था का एकमात्र शिक्षण संस्थान हुआ करता था, जहां से पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल जैसे जिलों के छात्र शिक्षा अर्जन के लिए आते थे। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता हेतु पुनेठा परिवार द्वारा पंडित हरिनंदन पुनेठा छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की गई, जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राओं को शिक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ने का अवसर मिला।

इस विद्यालय की कोख से आज 62 इंटर कॉलेज, दो सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज, डेढ़ दर्जन पब्लिक स्कूल, 43 राजकीय हाई स्कूल और चार सरकारी मान्यता प्राप्त हाई स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो इसकी शैक्षिक विरासत की सशक्त पहचान है। वर्ष 1957 में निर्मित विद्यालय का भव्य भवन उस समय पूरे उत्तर प्रदेश में एक मिसाल माना जाता था। विद्यालय परिसर में प्रवक्ता श्याम चौबे और स्थानीय लोगों के प्रयासों से दानवीर पंडित बेनीराम पुनेठा की प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जो आज भी विद्यार्थियों को प्रेरणा देती है। आज भले ही शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों, लेकिन चंपावत जिले का हर व्यक्ति इस ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान को अपनी शैक्षिक जन्मकुंडली मानते हुए श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ नमन करता है। वर्तमान में यहां के प्रधानाचार्य एवं खंड शिक्षा अधिकारी जो अपने ज्ञान और विज्ञान से विद्यालय को और शिखर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम के संयोजक श्री चौबें द्वारा इस विद्यालय से अपने जीवन की शुरुआत करने वाले सभी लोगों से बुधवार को होने वाले पुनर्मिलन कार्यक्रम के साक्षी बनने की अपील की है

 

 

 

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