पिथौरागढ़ में नाबालिग किशोरी का भ्रूण के साक्ष्य दूर जंगल में मिला, पुलिस की फोरेंसिक टीम जांच में जुटी

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पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस ने इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जंगल से भ्रूण के अवशेष बरामद किए हैं। बरामद साक्ष्यों को अब डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा जानकारी के अनुसार क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने स्कूल के एक शिक्षक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आरोप है कि छात्रा के गर्भवती होने के बाद उसे गर्भपात की दवा दी गई और बाद में भ्रूण को दूर जंगल में फेंक दिया गया।मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान घटना सामने आने के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने एसएसबी डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक टीम और अन्य अधिकारियों की मदद से विशेष सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की खोजबीन के बाद अस्कोट क्षेत्र से दूर जंगल में भ्रूण के अवशेष बरामद किए गए। फॉरेंसिक टीम ने और अन्य अधिकारियों की मदद से विशेष सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की खोजबीन के बाद अस्कोट क्षेत्र से दूर जंगल में भ्रूण के अवशेष बरामद किए गए। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्यों को सुरक्षित सील कर जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।पुलिस का कहना है कि डीएनए जांच रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं आरोपी शिक्षक के मोबाइल फोन की जांच में भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि गर्भपात के लिए इस्तेमाल की गई दवा कहां से लाई गई और क्या इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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