
फोटो – चौदहवें होली महोत्सव में पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिला होलियार खड़ी होली का सुमधुर गायन करते हुए।

लोहाघाट (चम्पावत)। काली कुमाऊं की समृद्ध लोकपरंपरा और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक चौदहवें होली महोत्सव का शुभारंभ इस वर्ष भव्यता और उत्साह के साथ हुआ। रामलीला मंच परिसर में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव में नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिला होलियारों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिरस और उल्लास से गूंज उठा। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खड़ी होली हमारी सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक है और इसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
महोत्सव का संचालन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेश राय ने किया। पहले दिन नगर क्षेत्र की महिलाओं ने किरन पुनेठा, सुशीला बोहरा, सुधा खर्कवाल, सुमन जोशी, सरोज पुनेठा के नेतृत्व में महिलाओं ने श्रषेश्वर महादेव की स्तुति में होली का गायन किया। उसके बाद डैसली के ग्राम प्रधान नरेश बिष्ट, शिवराज बिष्ट, पुष्प देवी, हेमा बिष्ट, पूजा बिष्ट, ममता, खीमा, हेमा एवं पुष्पा बिष्ट के नेतृत्व में खड़ी होली का शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद पाटन पाटनी गांव से आई झुमाधुरी महिला होली कमेटी की भारती, लता, चन्द्रकला, माया, मंजू एवं जानकी के नेतृत्व में आई महिला होलियार ने कदम से कदम शुर से शुर मिलाकर होली में समा बांध दिया। नसखोला एवं खतेडा से डां सुधाकर सुमन जोशी, नवीन सक्टा, महेश डांगी, जगदीश जोशी दीप सक्टा व दीपक जोशी के नेतृत्व में आए पुरुष होलियारों ने होली को महफिल में और रंग भर दिया। जिससे होली के गायनो में लोग झुमने लगे। विभिन्न महिला होली समितियों ने मंच पर सुमधुर प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल की थाप पर जब पारंपरिक होली के गीत गूंजे तो दर्शक भी झूम उठे। भक्ति, श्रृंगार से सजी प्रस्तुतियों ने देर शाम तक समां बांधे रखा। महोत्सव का उत्साह 27 फरवरी को और बढ़ जाएगा, जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। होली कमेटी के अध्यक्ष जीवन मेहता ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।


