

फोटो – कनलगांव में क्रॉप कटिंग निरीक्षण के दौरान महिला कृषकों के साथ गेहूं की कटाई करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत। किसान परिवार में पले-बढ़े व्यक्ति के संस्कार जीवनभर उसके साथ चलते हैं। चाहे वह कितने ही बड़े पद पर क्यों न पहुंच जाए, मिट्टी, खेत और खेती से उसका जुड़ाव कभी खत्म नहीं होता। कुछ ऐसा ही नजारा आज चंपावत के समीप कनलगांव में देखने को मिला, जब जिलाधिकारी मनीष कुमार क्रॉप कटिंग निरीक्षण के दौरान खुद महिलाओं के साथ खेत में उतर गए और गेहूं की कटाई में हाथ बंटाने लगे।
खेत में दरांती संभालते जिलाधिकारी को देखकर ग्रामीण महिलाएं भी दंग रह गईं। महिलाओं का कहना था कि डीएम की दरांती भी उतनी ही सहजता से चल रही थी, जितनी वर्षों से खेती कर रही महिलाओं की चलती है। कुछ देर के लिए ऐसा लगा मानो कोई अधिकारी नहीं, बल्कि गांव का ही एक किसान खेत में मेहनत कर रहा हो।
इस दौरान जिलाधिकारी ने खेतों में काम कर रही महिला कृषकों से खेती-किसानी में आने वाली परेशानियों को लेकर खुलकर संवाद किया। उन्होंने महिलाओं से कहा कि सरकार किसानों की मेहनत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध करा रही है। यदि किसान तकनीक और आधुनिक संसाधनों का सही उपयोग करें तो कम मेहनत में बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है।
डीएम मनीष कुमार ने मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार को निर्देश दिए कि महिला कृषकों को पावर टिलर सहित अन्य कृषि उपकरण और उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही महिलाओं को पावर टिलर चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जाए ताकि वे खेती में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने महिलाओं से कहा कि खेती या सरकारी योजनाओं से जुड़ी किसी भी समस्या पर वे सीधे संवाद कर सकती हैं। जिलाधिकारी का यह आत्मीय व्यवहार ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
इस अवसर पर अपर सांख्यिकी अधिकारी जुगल किशोर पांडे, कृषि विभाग तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।


