
फोटो – समाज सेविका रीता गहतोड़ी को विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करते महामहिम राज्यपाल।
लोहाघाट। लोहाघाट निवासी सामाजिक कार्यकर्त्ता रीता गहतोड़ी को उनके साहसिक और जनहितकारी कार्यों के लिए देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल द्वारा “विशेष पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें विशेष रूप से मानव तस्करी रोकने, नशा मुक्ति अभियान चलाने और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। रीता गहतोड़ी ने बीते कई वर्षों से समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बना लिया है। उन्होंने मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ न सिर्फ आवाज उठाई, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई करते हुए कई युवतियों को इस जाल से बाहर निकालकर उन्हें सुरक्षित जीवन की राह दिखाई। इस दौरान उन्हें कई बार धमकियों और सामाजिक दबावों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। रीता ने सामाजिक कुरीतियों को तोड़ते हुए एक साहसिक कदम तब उठाया, जब उन्होंने अपने माता-पिता की चिता को स्वयं मुखाग्नि दी। यह कदम समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर बनी रूढ़ियों को चुनौती देने वाला साबित हुआ और क्षेत्र में व्यापक चर्चा का विषय बना।
इसके अलावा वे नशा मुक्ति अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए वे लगातार जागरूकता अभियान चलाती हैं और प्रभावित परिवारों को सहयोग प्रदान करती हैं। मानसिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी उनका योगदान सराहनीय रहा है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी रीता गहतोड़ी के प्रयास उल्लेखनीय हैं। लोहावती नदी को बचाने और स्वच्छ बनाए रखने के लिए वे लगातार अभियान चला रही हैं और स्थानीय लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रही हैं।
राज्यपाल ने सम्मान समारोह में उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी रीता गहतोड़ी ने जिस साहस और समर्पण के साथ समाज सेवा की है, वह पूरे उत्तराखंड के लिए प्रेरणास्रोत है। सम्मान मिलने की खबर से चंपावत और लोहाघाट क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें “जनपद का अनमोल रत्न” बताते हुए कहा कि रीता गहतोड़ी इस सम्मान की सच्ची हकदार हैं और उनका जीवन समाज के लिए एक मिसाल है।


