

राजकीय इंटर कॉलेज, देवीधुरा में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का चौथा दिन उत्साह और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा। दिन की शुरुआत प्रातःकालीन योग एवं व्यायाम सत्र से हुई, जिसमें सभी स्वयंसेवियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
योग सत्र के पश्चात सभी स्वयंसेवियों ने नाश्ता किया। इसके बाद स्वयंसेवियों ने एक स्थानीय विद्यालय में जाकर बच्चों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया तथा उन्हें नियमित अध्ययन हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम अधिकारी श्री नरेन्द्र नाथ गोस्वामी ने स्वयंसेवियों को स्वावलंबन एवं आत्मनिर्भरता का महत्व समझाते हुए जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मध्याह्न में आयोजित बौद्धिक सत्र में राज्य के आदर्श महाविद्यालय, देवीधुरा के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी एवं प्राध्यापक डॉ. हेम चंद्र तिवारी ने “आत्मनिर्भर भारत एवं स्वावलंबन” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्वयंसेवियों को शिविर से अधिकतम सीख ग्रहण करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने हेतु प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने स्वयंसेवियों को अपने कौशल पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा दी तथा संस्कृत भाषा के महत्व और उसके व्यापक संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। सत्र में विद्यालय की पूर्व छात्रा व विगत वर्ष के विशेष शिविर के बेस्ट शिविरार्थी हिमानी बिष्ट उपस्थित रही।
बौद्धिक सत्र के अंतर्गत पंकज, अनुज, चंचल, देवेन्द्र, ज्योति, दीक्षा, दीपांशु, निर्मला एवं सुनीता सहित अन्य स्वयंसेवियों ने कविता, लोकगीत, समूहगान एवं लोकनृत्य जैसी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज के विज्ञान विभाग के शिक्षक श्री राकेश चंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाचार्य श्री संजय सोराड़ी, श्री दिनेश चंद्र जोशी, श्री ठाकुर सिंह बिष्ट, श्रीमती कमला जोशी, श्रीमती शकुंतला बोहरा, श्रीमती नीलम जोशी, श्री मनोज कुमार, श्री योगेश जोशी, श्री पंकज मोहन भट्ट, श्री दिनेश मेहता, श्रीमती हिमांशु जोशी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्री नरेन्द्र सिंह बिष्ट द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
सायंकालीन सत्र में भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रस्तुतियों ने स्वयंसेवियों में विशेष उत्साह का संचार किया और सभी ने जोरदार सराहना के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
पूरे दिन का कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन एवं प्रेरणा के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


