

ज्योली गाँव में बाघ द्वारा महिला को मारे जाने की हृदयविदारक घटना पर प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद होने के साथ-साथ वन विभाग की गंभीर लापरवाही और असफलता को उजागर करती है।
नीरज तिवारी ने कहा कि वन विभाग हर मोर्चे पर विफल साबित हुआ है। क्षेत्र में लगातार मिल रही चेतावनियों और ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके परिणामस्वरूप आज एक निर्दोष महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी।
वहीं चौली ग्रामसभा के अंतर्गत श्रीमती हेमा पांडे की दुःखद मृत्यु के उपरांत डीएफओ एवं चीफ फॉरेस्ट अधिकारियों के साथ हुई वार्ता पूरी तरह विफल रही। वन विभाग के अधिकारियों का वार्ता करने का तरीका भी संतोषजनक नहीं रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
वर्तमान में ग्रामीणों द्वारा महिला की बॉडी को काठगोदाम फॉरेस्ट चुंगी ले जाया जा रहा है, जहां लगभग 15 मिनट में पहुँचकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मैं स्वयं मौके पर उपस्थित हूँ।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीरज तिवारी ने कहा कि ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि तत्काल प्रभाव से आदमखोर बाघ को मारने के आदेश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की यह मांग पूरी तरह जायज़ है, क्योंकि इसी स्थान पर लगभग 19 दिन पूर्व भी बाघ के हमले में एक महिला की जान जा चुकी है, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। जनता का वन विभाग से विश्वास उठता जा रहा है।
उन्होंने सरकार और वन विभाग से कड़ी मांग करते हुए कहा कि आदमखोर बाघ को तत्काल मारने या पकड़ने के स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं, ताकि क्षेत्र में व्याप्त भय का माहौल समाप्त हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


