कोच हटने से ठप पड़ी खेल गतिविधियां, खिलाड़ियों ने केंद्रीय मंत्री से लगाई गुहार।

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फोटो : केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा को ज्ञापन सौंपते विभिन्न खेलों के कोच व खिलाड़ी।

 

चंपावत। मॉडल जिले चंपावत में खेल प्रतिभाएं इन दिनों उचित मार्गदर्शन के अभाव में अपना प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं। खेल विभाग द्वारा विभिन्न खेलों के लिए नियुक्त किए गए प्रशिक्षकों का अनुबंध समय से पहले समाप्त कर दिए जाने से खिलाड़ियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय खेलों के दौरान प्रत्येक जनपद में अलग-अलग खेलों के लिए कोच नियुक्त किए गए थे। प्रारंभ में इनका अनुबंध एक वर्ष के लिए था, जिसे वर्ष 2024 में बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया गया था। यह अवधि 27 मार्च को समाप्त होनी थी, लेकिन इससे पहले ही इन प्रशिक्षकों को हटा दिया गया। इससे उनके अधीन प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी बेहद परेशान हैं।

प्रशिक्षकों की कमी के चलते मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना भी प्रभावित हो गई हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि उदीयमान खिलाड़ी योजना के तहत 8 से 14 वर्ष तक के बच्चों को ₹1500 प्रतिमाह दिए जाते थे, जबकि प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को ₹10,000 की खेल सामग्री के साथ ₹2000 प्रतिमाह की सहायता मिलती थी। लेकिन अब प्रशिक्षण न मिलने के कारण ये योजनाएं भी प्रभावहीन होती जा रही हैं।

खिलाड़ियों ने बताया कि इन कोचों के मार्गदर्शन में कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुके हैं, लेकिन अब कोचों के अभाव में उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

इसी समस्या को लेकर प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के प्रतिनिधिमंडल ने नितेश देक के नेतृत्व में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मनमोहन सिंह दांगी, दीपक अधिकारी और अनमोल सहित कई युवा खिलाड़ी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं।

केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह इस विषय को खेल मंत्री और खेल सचिव के समक्ष उठाकर प्रशिक्षकों के अनुबंध को पुनः शुरू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

 

 

 

 

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