
भाकपा माले उत्तराखण्ड राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक संपन्न
नैनीताल। मनरेगा को ख़त्म करने के लिए वी बी ग्राम जी नाम का विधेयक गुपचुप तरीके से ला कर मोदी सरकार सुनिश्चित काम के वैधानिक अधिकार को समाप्त करना चाहती है. भाजपा हमेशा से ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की विरोधी रही और मोदी सरकार ने पहले दिन से ही इसे कमज़ोर करना शुरू कर दिया था. अब इस नए विधेयक के जरिये इसे हमेशा के लिए दफ़न करना चाहती है. भाकपा(माले) यह मांग करती है कि मनरेगा को ख़त्म करने के बजाय इसे मजबूत किया जाए, 200 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए और कम से कम 600 रु मजदूरी तय हो. साथ ही शहरी गरीबों के लिए भी रोजगार गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए. रोजगार की गारंटी को ख़त्म करने की कोई कोशिश कतई स्वीकार नहीं की जाएगी, यह बात भाकपा(माले) के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने पार्टी की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए कही.
कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि उत्तराखंड को भाजपा ने कॉरपोरेट लूट और सांप्रदायिकता की प्रयोगशाला में तब्दील कर दिया है और जिन उद्देश्यों के लिए अलग राज्य के लिए लोगों ने संघर्ष किया, उन सब को भाजपा ने पलीता लगा दिया है. पलायन, विस्थापन, बंद होते स्कूल, रोजगार के अवसरों की लूट, जानलेवा हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था, जंगली जानवरों का आतंक, आवारा पशुओं की मार, यही 25 साल के उत्तराखंड का हासिल है.
माले महासचिव ने कहा कि उत्तराखंड को इस जनविरोधी, कॉरपोरेट परस्त और सांप्रदायिक उन्माद के दौर से बाहर निकालना है तो उत्तराखंड में आंदोलन, संघर्ष और पार्टी का भी नवीनीकरण करने की जरूरत है.
भाकपा (माले) राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की गयी और तय किया गया कि पार्टी मजबूती से विधानसभा चुनावों में हस्तक्षेप करेगी. पार्टी वाम-जनवादी ताकतों की एकजुटता के लिए भी प्रयास करेगी.
बैठक में तय किया गया कि उत्तराखंड में वाम-जनवादी आंदोलन के प्रखर नेता कॉमरेड राजा बहुगुणा की स्मृति में पुस्तक का प्रकाशन किया जायेगा और पार्टी राज्य कार्यालय में राजा बहुगुणा स्मृति सभागार एवं पुस्तकालय का निर्माण किया जाएगा.
चार लेबर कोड्स के खिलाफ पार्टी संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के बीच सतत अभियान चलाएगी और इन मजदूर विरोधी संहिताओं को रद्द किये जाने के लिए आंदोलन संगठित करेगी.
बैठक में प्रस्ताव लिए गए :
लद्दाख और समूचे हिमालय के पर्यावरण के मसलों पर संघर्षरत सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए.
बीमा के क्षेत्र में सौ प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ डी आई) का पार्टी विरोध करती है.
परमाणु ऊर्जा को निजी क्षेत्र को निजी क्षेत्र के हवाले करके केंद्र सरकार, अडानी जैसे बड़े पूंजीपतियों के लिए परमाणु क्षेत्र में मुनाफाखोरी सुनिश्चित करना चाहती है.
उत्तराखंड में विभिन्न खत्तों, वन भूमि तथा शहरी इलाकों में बसे गरीबों को उजाड़े जाने और बुलडोजर राज का पार्टी विरोध करती है और मांग करती है कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक किसी को भी विस्थापित ना किया जाए. साथ ही तमाम खत्तों, वन ग्रामों एवं मालिकाना अधिकार के लिए संघर्षरत लोगों को जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जाए.
बैठक में पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड संजय शर्मा, राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी, कैलाश पांडेय, के के बोरा, बहादुर सिंह जंगी, भुवन जोशी, विमला रौथाण, आनंद सिंह नेगी, कैलाश जोशी, ललित मटियाली शामिल थे।


