
फोटो – जनकांडे में कौशल विकास केंद्र पर किसानों के साथ संवाद करते सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी।
लोहाघाट। कृषि और उद्यानिकी संवर्धन को नई दिशा देने के उद्देश्य से सेतु आयोग की टीम ने जनकांडे और खुतेली ग्रामसभा में किसानों के साथ संवाद और स्थलीय भ्रमण किया। कार्यक्रम के तहत सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने जनकांडे स्थित कौशल विकास केंद्र में कृषकों एवं बाटुली एफपीओ के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में किसानों ने खेती में आ रही समस्याएं खुलकर रखीं—खासकर जंगली जानवरों से फसल नुकसान, मृदा गुणवत्ता और आधुनिक उपकरणों की कमी। राजशेखर जोशी ने आश्वस्त किया कि सरकार बाटुली एफपीओ के सहयोग से उन्नत कृषि, कृषि मशीनीकरण और फसलों की सुरक्षा के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ मिलकर ठोस समाधान पर काम कर रही है।
इस पहल के तहत चेन्नई की मीविप्रो, भागलपुर की स्टेपअपीफाई और बेंगलुरु की कैप्सबर कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बाटुली एफपीओ के नरेंद्र माहरा ने बताया कि छह माह के पायलट प्रोजेक्ट में कंपनियां मध्यगंगोल क्षेत्र के किसानों के साथ मिलकर कार्य करेंगी।
योजना के तहत जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए जैविक स्प्रे का छिड़काव, खेतों से मिट्टी के नमूने लेकर बेंगलुरु की अत्याधुनिक प्रयोगशाला में परीक्षण और उसके आधार पर उपचार किया जाएगा। साथ ही किसानों को हल्के, बैटरी संचालित आधुनिक कृषि उपकरण ट्रायल के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। रेशम विभाग के विनोद माहरा ने विभाग द्वारा संचालित किसानहित योजनाओं की जानकारी दी और रेशम उत्पादन को आय का अतिरिक्त स्रोत बनाने पर जोर दिया। बैठक के बाद खुतेली में स्थलीय निरीक्षण और उत्पाद प्रदर्शनी आयोजित की गई। महिला कृषक पुष्पा देवी ने बैटरी संचालित ट्रैक्टर चलाकर आधुनिक तकनीक की उपयोगिता का प्रदर्शन किया, जिसने किसानों में खासा उत्साह भर दिया।
राजशेखर जोशी ने बताया कि कृषि विभाग, सेतु आयोग और बाटुली एफपीओ के सहयोग से खुतेली में कोल्ड स्टोरेज निर्माण की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए चयनित स्थल का निरीक्षण कर संभावनाओं का आकलन किया गया। कार्यक्रम में बाटुली एफपीओ संचालक नरेंद्र सिंह, सेतु आयोग के गिरजा शंकर, कृषि विभाग के प्रताप ढाली, क्षेत्र पंचायत सदस्य किशोर सिंह, निर्मल बोहरा, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश राम, खुतेली ग्राम प्रधान प्रकाश माहरा, सिरमोली प्रधान सूरज सिंह, लक्ष्मण सिंह, अर्जुन माहरा, उपाध्याय जी सहित जनकांडे और खुतेली के अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। चंपावत के खेतों में अब तकनीक, अनुसंधान और सामूहिक प्रयास के साथ नई हरियाली की उम्मीद जगी है।


