
देवभूमि की अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं भाजपा जनता के बीच जाएगी की उन्हें राष्ट्रवादी सरकार चाहिए या सनातन की भावधारा के विपरित कार्य करने वाली सरकार – सुरेश जोशी
चम्पावत। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन को बचाने के लिए सख्त फैसले जरूरी थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने ऐसे कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनसे प्रदेश को गलत दिशा में जाने से रोका गया है। चम्पावत में आयोजित पत्रकार वार्ता में सुरेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की बदलती जनसंख्या संरचना और अवैध अतिक्रमण जैसी घटनाएं राज्य की शांत और आध्यात्मिक पहचान के लिए चुनौती बन रही थीं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा की गई सख्त कार्रवाई से प्रदेश को “बारूद का ढेर” बनने से बचाया गया है और देवभूमि की मूल संस्कृति को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के समय ऐसी परिस्थितियां पैदा हुईं, जिनसे राज्य की सामाजिक संरचना प्रभावित हुई। जोशी ने कहा कि हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और प्रशासनिक टीम पर हुआ हमला भी इसी मानसिकता को दर्शाता है, जिससे लोगों की आंखें खुल गई हैं।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में अवैध मजारों और अतिक्रमणों पर कार्रवाई कर हजारों एकड़ भूमि को मुक्त कराया गया है, जिससे प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित करने का प्रयास हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कम समय में सामाजिक, आर्थिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है, जिससे आज हर भारतीय गर्व के साथ जीवन जी रहा है। जोशी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ आगामी चुनाव में जनता के बीच जाएगी और लोगों से यह सवाल करेगी कि उन्हें राष्ट्र और समाज को मजबूत करने वाली भाजपा चाहिए या देश की सांस्कृतिक धारा को कमजोर करने वाली कांग्रेस। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता अब कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए एकजुट हो चुकी है।


