आरटीई पोर्टल ने बढ़ाई परेशानी, आवेदन से वंचित अभिभावकों का फूटा गुस्सा, जिलाधिकारी मनीष कुमार से हस्तक्षेप करने की करी मांग, अंतिम तिथि बीती, तकनीकी खामियों से जूझे अभिभावक स्कूल चयन का विकल्प तक नहीं खुला

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चम्पावत। उत्तराखंड में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2026 तय की गई थी, लेकिन बड़ी संख्या में अभिभावक आवेदन नहीं कर सके। अब इसे लेकर नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। अभिभावकों का आरोप है कि विगत शुक्रवार से ही आरटीई पोर्टल पर लगातार दिक्कतें बनी रहीं। पोर्टल खुलने के बावजूद स्कूल चयन का विकल्प ही दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधूरी रह गई। कई अभिभावक घंटों कोशिश करते रहे, लेकिन तकनीकी खामियों ने उनके प्रयासों पर पानी फेर दिया।

इसके अलावा पोर्टल की धीमी गति और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं ने भी अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। नतीजतन कई पात्र बच्चे इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए। केशव राम, हरीश बिष्ट, मनोज कुमार, प्रकाश राम, सरस्वती देवी, लक्ष्मी देवी, पार्वती जोशी और प्रभा सहित कई अभिभावकों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए, ताकि सभी पात्र बच्चों को समान अवसर मिल सके।

अभिभावकों ने प्रशासन से अपील की है कि तकनीकी खामियों को ध्यान में रखते हुए आरटीई आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि आगे बढ़ाई जाए, जिससे दर्जनों बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। अब सभी की नजर प्रशासन के फैसले और 17 अप्रैल को प्रस्तावित लॉटरी प्रक्रिया पर टिकी है।

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