

फोटो – मृतक सोमेन्द्र सिंह बोहरा का फाइल फोटो व अंतिम संस्कार में परिजनों को सांत्वना देते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
मानवता की मिसाल बने डीएम, पिता को समय पर पहुंचाया अंतिम संस्कार में।
लोहाघाट। नियति के इस क्रूर चक्र के सामने सभी प्रयास असफल रहे, लेकिन इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन पिता कर सकें, इसके लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संवेदनशील पहल की। गुजरात में मौजूद मृतक के पिता को दिल्ली तक एयरलिफ्ट कराने और वहां से गांव तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था प्रशासन ने की, जिससे वह समय पर अंतिम संस्कार में शामिल हो सके। पीड़ित परिवार और ग्रामीण उस समय भावुक हो उठे जब स्वयं जिलाधिकारी 85 किलोमीटर दूर मछियाण गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे। यहां लोगों को प्रशासन का मानवीय चेहरा देखने को मिला। जिलाधिकारी ने कहा कि दुख को कम करना संभव नहीं, लेकिन इस कठिन समय में मानवीय संवेदनाएं ही परिवार को संबल दे सकती हैं। उधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
अंतिम संस्कार में जिपं. सदस्य सोनू बोहरा, पूर्व जिपं सदस्य भोला बोहरा, विनोद बड़ेला, लक्ष्मण सिंह बोहरा, कुन्दन बोहरा,जगदीश सिंह बोहरा, चंद्रशेखर गड़कोटी समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य विनय शर्मा व शिक्षकों ने भी छात्र को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।


