

फोटो – हरेला पर्व के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में सामूहिक रूप से स्मृति पौध लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती आयुर्वेद आरोग्य मंदिर लोहाघाट की योग साधिकाएं।
लोहाघाट। लोकपर्व हरेला के अवसर पर आयुर्वेद आरोग्य मंदिर लोहाघाट की योग साधिकाओं ने सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में सामूहिक रूप से स्मृति पौध लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। योग अनुदेशिका सोनिया आर्या के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ी को शुद्ध हवा, स्वच्छ पानी और स्वस्थ जीवन देना है तो प्रत्येक परिवार को पौधरोपण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।
इस अवसर पर योग साधिकाओं ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने रोपित पौधों की बच्चों की तरह देखभाल करने और उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कमलेश उप्रेती, शोभा मुरारी, हेमा मुरारी, डॉली वर्मा, जानकी अधिकारी, रेखा बोहरा, गरिमा बोहरा, संगीता शर्मा, उषा इजरवाल, लक्ष्मी जोशी, रेखा जोशी, हेमा बोहरा, रीना खर्कवाल, भावना मुरारी, कमला बिष्ट, चंद्र ओली, दीपा खर्कवाल, विनीता पांडे, अंजू जोशी, दीपा जोशी और बबीता जोशी सहित अनेक महिला साधिकाएं उपस्थित रहीं। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि योग से जुड़ने के बाद उन्हें केवल शारीरिक आरोग्य ही नहीं मिला, बल्कि उनके विचार, संस्कार और जीवनशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। योग ने उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है, जिससे जीवन को देखने का उनका दृष्टिकोण भी बदला है।


